गोरखपुर
सिकरीगंज में रैबीज का खौफ!
एसडीएम खजनी व पशु चिकित्साधिकारी की टीम ने संभाला मोर्चा
गोरखपुर। रामडीह गांव में कुत्ते के काटने से एक गाय की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। हालात ऐसे बने कि बुधवार को एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह, पशु चिकित्साधिकारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में कैंप लगाने को निर्देश दिए । ग्रामीणों में फैली अफवाहों और डर को देखते हुए एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्वास्थ्य टीम को रैबीज वैक्सीन की फुल डोज क्रमशः लगाने के निर्देश दिए। अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा ।
दो महीने पुराना मामला बना खतरे की घंटी
जानकारी के मुताबिक, करीब दो महीने पहले कुत्ते ने गांव की एक गाय को काट लिया था। गाय हाल के दिनों में अचानक उग्र हो गई, खाना-पीना छोड़ दिया और शनिवार रात उसकी मौत हो गई। पशु चिकित्सक ने रैबीज की आशंका जताई है।
प्रसाद बना चिंता की वजह
मामला तब और गंभीर हो गया जब यह सामने आया कि इसी गाय के दूध से बना चरणामृत गांव में आयोजित शिवचर्चा और भागवत कथा में सैकड़ों लोगों को प्रसाद के रूप में बांटा गया था। यही कारण है कि ग्रामीणों में खौफ बढ़ गया। डर का आलम यह है कि अब तक करीब 190 लोग पीएचसी उरुवा पहुंचकर रैबीज का टीका लगवा चुके हैं।
प्रशासन की सख्ती, ग्रामीणों को समझाया
गांव में अफरा-तफरी की स्थिति देखते हुए बुधवार को एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर कहा “किसी भी प्रकार डरने की जरूरत नहीं है। गाय के बछड़े को रैबीज का टीका लग चुका है। अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी को चिकित्सा टीम की सलाह के अनुसार वैक्सीन लगाई जा रही है।”
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में विशेष कैम्प लगाकर रैबीज वैक्सीनेशन शुरू कराया। पशु चिकित्साधिकारी ने शेष पशुओं का भी परीक्षण कर सावधानी बरतने की अपील की।
गांव में चर्चा का विषय
गाय की मौत, चरणामृत के वितरण और अचानक बढ़े टीकाकरण को लेकर गांव में बुधवार भर हड़कंप की स्थिति रही। लोग समूह बनाकर हालात पर चर्चा करते नजर आए।
प्रशासन की मुस्तैदी और स्वास्थ्य टीम की तत्परता से फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन ग्रामीणों के मन से डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
