वाराणसी
जनता समझ चुकी है सरकार की नाकामी : राघवेन्द्र चौबे
वाराणसी। मोदी सरकार को जीएसटी स्लैब में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा, जो कि राहुल गांधी जी के विजन की जीत है। राघवेन्द्र चौबे के अनुसार, यह सरकार की नाकामी और “वोट चोर” छवि को उजागर करता है। जब राहुल गांधी जी ने जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” कहा था, तब भाजपा और उनके प्रवक्ताओं ने उनका उपहास उड़ाया था। लेकिन आज सच सभी के सामने है। जनता और विपक्ष के दबाव में सरकार को 12% और 28% वाले स्लैब खत्म करके केवल 5% और 18% स्लैब शेष रखने पड़े।
सवाल यह है कि यह अन्यायी और बोझिल टैक्स व्यवस्था शुरू से ही गलत थी, फिर भी सालों तक छोटे और मध्यम व्यापारियों की कमर तोड़ी गई। जनता की आवाज़ सुनने में सरकार असफल रही।
आज मोदी सरकार बैकफुट पर है और अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रही है। लेकिन जनता अब भली-भाँति समझ चुकी है कि यह सरकार केवल वोट चोर है। नाकामियों को छुपाने के लिए फैसले पलटे जा रहे हैं, पर जनता सब देख रही है।
जनता का मूड साफ है—2029 का इंतजार लंबा है, लेकिन गद्दी पहले ही छिन सकती है। अब जनता का धैर्य टूट चुका है और सरकार की विदाई लगभग निश्चित है।
राघवेन्द्र चौबे के अनुसार, राहुल गांधी जी की दूरदर्शिता ने फिर साबित कर दिया कि देश को आगे ले जाने के लिए उनके विजन को अपनाना होगा। यह जनता की अपेक्षा और देश की प्रगति दोनों के लिए जरूरी है।
