वाराणसी
किसानों ने सीखा मशरूम उत्पादन का गुर
वाराणसी। कृषि विज्ञान केंद्र, कल्लीपुर, वाराणसी द्वारा आयोजित “मशरूम उत्पादन तकनीकी” विषयक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को किसानों का प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया।
विषय समन्वयक एवं केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार सिंह के नेतृत्व में किसानों की टोली ने असवारी गाँव पहुँचकर प्रगतिशील किसान दिलीप पांडेय की बटन मशरूम उत्पादन एवं कंपोस्ट निर्माण इकाई को नज़दीक से देखा और तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

डॉ. राहुल कुमार सिंह ने किसानों को बताया कि बटन मशरूम उत्पादन में खाद (कंपोस्ट) की गुणवत्ता ही अधिक उपज और अच्छी क्वालिटी की गारंटी देती है। उन्होंने खाद तैयार करने की विधि और उसमें लगने वाली सामग्री — गेहूँ/धान का भूसा, मुर्गी की खाद, यूरिया, जिप्सम, चूना आदि की मात्रा और महत्व समझाया।

राहुल पांडेय ने किसानों को बताया कि उनकी मशरूम उत्पादन इकाई 18×51 फीट आकार की है, जिसमें क़रीब 2200 बैग रखे जा सकते हैं और प्रत्येक बैग से दो किलो तक मशरूम का उत्पादन संभव है।
भ्रमण के दौरान किसान उत्साहित दिखे और मशरूम उत्पादन से जुड़े अनेक सवाल पूछे। मौके पर अरविंद गौतम सहित लगभग पाँच दर्जन किसान उपस्थित रहे।
