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वाराणसी

मच्छर जनित संचारी रोगों की रोकथाम के लिए ग्राम प्रधान भी सक्रिय

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सभी ग्राम पंचायतों में सघन अभियान चलाकर ग्रामीणों को कर रहे जागरूक

सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता के साथ बैठक कर बन रही रणनीति

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सभी विभागों के सहयोग व जागरूकता से ही मिलेगी संचारी रोगों से मुक्ति

रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी। मच्छर जनित व संचारी रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया आदि की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग सहित 12 विभाग अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में पंचायती राज व ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम प्रधान भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। जनपद में 694 ग्राम पंचायत हैं और सभी में ग्राम प्रधान की नियुक्ति है। इन ग्राम पंचायतों में सघन रूप से अभियान चलाकर समुदाय को संचारी रोगों से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
काशी विद्यापीठ ब्लॉक के कोरौता के ग्राम प्रधान दिनेश कुमार पटेल का कहना है कि यहाँ की आबादी करीब 20 हजार है जिसमें छह आशा कार्यकर्ता सभी परिवारों की नियमित स्वास्थ्य देखभाल करती हैं। एक अप्रैल से शुरू हुये इस अभियान के तहत उनकी देखरेख में फोगिंग, छिड़काव, साफ-सफाई, स्वच्छता, नाली की सफाई आदि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पोस्टर, पम्पलेट्स आदि के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठक कर समुदाय को स्वस्थ रखने की रणनीति बनाई जा रही है। आशा घर-घर जाकर बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षणयुक्त लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं जिसमें अभी तक एक भी संभावित रोगी नहीं देखे गए।
हरहुआ ब्लॉक के मोहनपुर के ग्राम प्रधान श्रवण कुमार ने बताया कि यहाँ की आबादी करीब 5000 है जिसमें दो आशा कार्यकर्ताएं तैनात हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम, आशा और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ नियमित बैठक कर संचारी रोगों की रोकथाम, प्रबंधन और बचाव के बारे में बताया जाता है जिससे वह समुदाय को जागरूक कर सकें। ग्राम पंचायत मोहनपुर के अलावा राजस्व ग्राम सरैया व अमावर में भी फोगिंग, छिड़काव, साफ-सफाई, जल भराव निस्तारण आदि कार्य किया जा रहा है। घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर मच्छर जनित रोगों व टीबी के लक्षण, जांच, उपचार व बचाव के बारे में बताया जा रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पाण्डेय ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। शासन के दिशा-निर्देश के क्रम में सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से सभी ग्राम पंचायतों के साथ शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों को संचारी रोगों की रोकथाम व प्रबंधन के लिए निर्देश दिये गए हैं। सभी ग्राम प्रधानों का संवेदीकरण भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग की मुख्य भूमिका बेहतर साफ-सफाई, फोगिंग, छिड़काव, नाली की सफाई, जल भराव का निस्तारण, मच्छर जनित बीमारियों और ग्रामीणों को पेयजल के प्रति भी जागरूक करना है।
सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि मच्छर जनित संचारी रोग सिर्फ लापरवाही से होते हैं। दूषित पानी का सेवन, घर के आसपास जल-जमाव जैसी छोटी-छोटी बातों के प्रति हम सजग हो जाएं तो इससे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी सतर्क रहें। घर के आस-पास जल का जमाव न होने दें और लोगो को भी इसके प्रति जागरूक करें। संचारी रोग से यदि कोई बीमार होता है तो उसका तत्काल उपचार शुरू कराएं। जिले के सभी चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है।

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