गोरखपुर
घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, एडीओ सहकारिता कोर्ट में तलब
संतकबीरनगर अदालत ने मनोज चतुर्वेदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध माना, अगली सुनवाई 2 जनवरी 2027 को
संतकबीरनगर। पुरानी जमीन की रंजिश को लेकर घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता और तोड़फोड़ करने के आरोप में दीवानी न्यायालय संतकबीरनगर ने सहायक विकास अधिकारी सहकारिता, बनकटी, बस्ती मनोज चतुर्वेदी को तलब किया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी प्रथम अभिनव त्रिपाठी की अदालत ने उपलब्ध मौखिक और अभिलेखी साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्रथम दृष्टया अपराध पाया है।

पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता सावित्री देवी के अनुसार, 16 अगस्त 2024 को सुबह करीब 10 बजे मनोज चतुर्वेदी पुरानी रंजिश को लेकर उनके घर पहुंचे और वीडियो बनाने लगे। विरोध करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता की। पीड़िता ने मंगलसूत्र और सोने की चेन छीनने के साथ टीवी, कूलर सहित घरेलू सामान में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया। बीच-बचाव के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चला गया।

पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर अदालत पहुंचीं
पीड़िता का कहना है कि पुलिस से न्याय नहीं मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। वहीं, आरोपी ने आरोपों को निराधार बताते हुए घटना के समय सरकारी ड्यूटी पर होने का दावा किया था। उन्होंने लोक सेवक होने के आधार पर बीएनएस की धारा 218 के तहत कानूनी संरक्षण देने की मांग की।
अदालत ने संरक्षण की मांग खारिज की
अदालत ने आरोपी की आपत्ति खारिज करते हुए कहा कि आरोपित कृत्य प्रथम दृष्टया आधिकारिक कर्तव्यों का हिस्सा नहीं प्रतीत होते। ऐसे में लोक सेवक होने के आधार पर कानूनी संरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने आरोपी को मुकदमे के ट्रायल के लिए तलब किया है।
2 जनवरी 2027 को अगली सुनवाई
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 2 जनवरी 2027 की तारीख निर्धारित की है। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आरोपों की अंतिम पुष्टि सुनवाई तथा साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही होगी।
