सोनभद्र
सोनभद्र: सामूहिक विवाह योजना के तहत सैकड़ों जोड़ों का धूमधाम से विवाह संपन्न
सोनभद्र जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शुक्रवार को 653 जोड़ों का विवाह बड़े ही धूमधाम और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह के निर्देशन में चारों तहसीलों में यह आयोजन किया गया, जिसमें हर तहसील के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए थे।
रॉबर्ट्सगंज के डायट परिसर उमरौरा में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शादी समारोह में बारातियों और घरातियों का स्वागत किया गया, भोज का आयोजन हुआ और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। रॉबर्ट्सगंज में कुल 148 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ, जिनमें एक मुस्लिम जोड़ा भी शामिल था।
घोरावल तहसील के केवलीमय देवरी में 183 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया। ओबरा तहसील के चोपन रेलवे ग्राउंड में 63 जोड़ों ने विवाह किया। वहीं, दुद्धी तहसील के भाऊराव देवरस महाविद्यालय में 259 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ।
इन आयोजनों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें ब्लॉक प्रमुख, विधायक प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य और अन्य अधिकारी शामिल थे। आयोजनों में विवाह का पूरा प्रबंध धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया।
सोनभद्र जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शुक्रवार को 653 जोड़ों का विवाह बड़े ही धूमधाम और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह के निर्देशन में चारों तहसीलों में यह आयोजन किया गया जिसमें हर तहसील के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए थे।
रॉबर्ट्सगंज के डायट परिसर उमरौरा में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शादी समारोह में बारातियों और घरातियों का स्वागत किया गया, भोज का आयोजन हुआ और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। रॉबर्ट्सगंज में कुल 148 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ जिनमें एक मुस्लिम जोड़ा भी शामिल था।घोरावल तहसील के केवलीमय देवरी में 183 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया। ओबरा तहसील के चोपन रेलवे ग्राउंड में 63 जोड़ों ने विवाह किया।
वहीं दुद्धी तहसील के भाऊराव देवरस महाविद्यालय में 259 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ।इन आयोजनों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही जिनमें ब्लॉक प्रमुख, विधायक प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य और अन्य अधिकारी शामिल थे। आयोजनों में विवाह का पूरा प्रबंध धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया।
