वाराणसी
स्वर्वेद महामंदिर पर नववर्ष के दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
चौबेपुर (वाराणसी)। नववर्ष के पहले दिन वाराणसी के सुप्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लगभग तीन लाख से अधिक लोगों ने 1 जनवरी को मंदिर के दर्शन किए और अपने जीवन को एक नई दिशा देने के लिए विहंगम योग की ध्यान-साधना पद्धति भी सीखी। यह मंदिर अपनी अनूठी कलाकृतियों और आध्यात्मिक साधना के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध हो रहा है।

स्वर्वेद महामंदिर धाम जो वाराणसी के उमरहाँ गांव में स्थित है का लोकार्पण एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और इतिहास का जीवंत उदाहरण बताया था।
इसके बाद से ही यह साधना केंद्र श्रद्धालुओं के बीच आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बीते दिसंबर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहाँ निःशुल्क आवासीय गुरुकुल के विस्तारित परिसर का उद्घाटन किया था जो यहाँ की महत्ता को और बढ़ाता है।
महामंदिर, विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सदगुरु सदाफलदेव जी महाराज द्वारा रचित स्वर्वेद महाग्रंथ को समर्पित है। मंदिर के चारों ओर ऋषियों और ऋषिकाओं की प्रतिमाएँ और अद्भुत कलाकृतियाँ इसे विशेष बनाती हैं। यह साधना केंद्र जनसामान्य को भारतीय ऋषि परंपरा और संस्कृति के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहा है।
नये साल के पहले दिन सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक रही कि वाराणसी-गाजीपुर रोड पर लगभग 5 किलोमीटर तक ट्रैफिक धीमा हो गया। श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए 100 से अधिक स्वयंसेवकों और 70 पुलिस अधिकारियों ने अपनी सेवाएँ दीं।
स्वयं सुपूज्य सन्त प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज ने व्यवस्थाओं की देखरेख की।महामंदिर पर प्रतिदिन दर्शन का समय प्रातः 8 बजे से सायं 9 बजे तक निर्धारित है, जहाँ हर वर्ग और समुदाय के लोग अपनी आस्था और साधना के लिए आते हैं।
