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गाजीपुर

जमानत न मिलने पर फर्जी डिग्री धारक शिक्षक के रिश्तेदारों ने अधिवक्ता को दी जान से मारने की धमकी

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सैदपुर (गाजीपुर) जयदेश। सिविल बार एसोसिएशन गाजीपुर के सदस्य अधिवक्ता धनन्जय सिंह ने एक क्लाइंट एवं उसके सहयोगियों पर गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर अधिवक्ता द्वारा थाना सैदपुर में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है। घटना बुधवार को सैदपुर तहसील परिसर एवं न्यायालय क्षेत्र में हुई, जहाँ कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग छह बजे जूनियर अधिवक्ता रोहित पाठक ने अधिवक्ता धनन्जय सिंह को फोन कर बताया कि भैया निवासी एक क्लाइंट धीरज पाठक उनके चैम्बर पर आ रहा है, लेकिन रास्ता नहीं समझ पा रहा है। इसके बाद अधिवक्ता धनन्जय सिंह ने क्लाइंट से फोन पर बात कर उसे अपने सैदपुर स्थित चैम्बर का पता बताया। कुछ समय बाद अधिवक्ता रोहित पाठक भी चैम्बर पर पहुँच गये।

बताया गया कि धीरज पाठक के। रिश्तेदार शिवाकांत पाण्डेय  के फर्जी डिग्री लगाकर शिक्षक की  नौकरी  करने के विरुद्ध थाना सैदपुर में एफआईआर संख्या 72/2026 धारा 420, 467, 468 और 471 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज है, जिसमें जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल कराने के लिए अधिवक्ताओं से संपर्क किया गया था। अधिवक्ता धनन्जय सिंह का कहना है कि उन्होंने प्रथम दृष्टया एफआईआर देखने के बाद क्लाइंट एवं जूनियर अधिवक्ता को स्पष्ट बता दिया था कि गंभीर धाराएँ होने के कारण मजिस्ट्रेट न्यायालय से जमानत मिलना कठिन है। इसके बावजूद क्लाइंट ने जल्द से जल्द जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

अधिवक्ता के अनुसार, उन्होंने बिना किसी पारिश्रमिक के जमानत प्रार्थना पत्र तैयार कराया तथा उसे न्यायालय माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट सैदपुर, गाजीपुर में दाखिल कराया। इसी बीच उनकी अनुपस्थिति में क्लाइंट धीरज पाठक ने चैम्बर के पास स्थित एक दुकान पर चाय-नाश्ता किया और दुकानदार से कथित रूप से कहा कि “पैसे वकील साहब दे देंगे।”

जब अधिवक्ता को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने क्लाइंट से कहा कि यदि उसने उधार लिया है तो स्वयं भुगतान करे। आरोप है कि इसी बात को लेकर क्लाइंट उत्तेजित हो गया और जमानत शीघ्र न होने पर नाराजगी जताने लगा। अधिवक्ता का आरोप है कि क्लाइंट ने कहा कि “जमानत हो जानी चाहिए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा।”

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मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि बाद में क्लाइंट न्यायालय परिसर में पहुँच गया और वहाँ मौजूद कर्मचारियों एवं अन्य लोगों से अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुचित टिप्पणियाँ करने लगा। उसने कथित रूप से कहा कि कई वकीलों ने उससे चाय-नाश्ता कराया और उसका पैसा लिया, जबकि उसका काम नहीं हो रहा है।

इस दौरान न्यायालय परिसर में बहस और कहासुनी बढ़ गई। मौके पर मौजूद अन्य अधिवक्ताओं एवं पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। अधिवक्ता धनन्जय सिंह का कहना है कि उन्होंने क्लाइंट से स्पष्ट कहा कि जमानत का निर्णय न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है और इसमें अनावश्यक दबाव बनाना उचित नहीं है।

घटना के बाद अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उन्हें लगातार फोन कर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने जिन मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया है उनमें 8009672149, 7887092423, 7021217390 तथा 9919938331 शामिल हैं। अधिवक्ता का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों से वे एवं उनका परिवार भयभीत हैं।

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