वाराणसी
धोखाधड़ी के मामले में मिली अग्रिम जमानत
वाराणसी। धोखाधड़ी कर फर्जी ढंग से जमीन का बैनामा कराने के बाद घर में रखे सामान को चुरा ले जाने के मामले में आरोपित को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने सरायइनायत, प्रयागराज निवासी आरोपित विनोद कुमार उपाध्याय को 50 हजार रुपए की एक जमानतदार एवं बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह, अमनदीप सिंह व आशुतोष उपाध्याय ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिवपुर निवासी वादी संजीव कुमार सिंह ने शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी मां शारदा सिंह ने एक मकान शिव-7/11बी सन् 1998 में तलना देवी से रजिस्ट्री कराकर उसमें रहती चली आ रही है। साथ में वादी भी सपरिवार रहता है। इस दौरान वादी के पड़ोसी रविन्द्र उपाध्याय ने जबरस्ती उसकी दीवाल गिराकर उसमें रखे टीन शेड तथा लोहे के गेट को उठा ले गये। जब वादी ने उनसे कहा कि ऐसा क्यों कर रहे हैं तो उन्होने उसे मां-बहन की भद्दी- भद्दी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दिया।
रविन्द्र उपाध्याय उपरोक्त ने आपसी षडयंत्र के तहत आराजी नं० 19 रकबा 930 हे. श्रेणी 6 (2) जो आबादी दर्ज है, को आराजी नं. 32 बताकर धोखाधड़ी करते हुए अपने जीजा विनोद कुमार उपाध्याय के नाम वीरेन्द्र कुमार से विकय विलेख द्वारा बैनामा कराया है। इस मामले में पुलिस ने विनोद कुमार उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
