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वाराणसी

डोमरी में शिवमहापुराण कथा का समापन, लाखों भक्त हुए भाव-विभोर

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वाराणसी। डोमरी स्थित श्री सतुवा बाबा गौशाला में आयोजित सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा का मंगलवार को भावपूर्ण समापन हुआ। कथा का आयोजन महामंडलेश्वर श्री संतोष दास सतुवा बाबा के सानिध्य में किया गया। कथा वाचन के लिए प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने शिव महापुराण की अलौकिक कथा का रसपान कराया।

कथा का शुभारंभ और भक्तिमय माहौल
कथा की शुरुआत हनुमान चालीसा, गणेश वंदना और “ॐ नमः शिवाय” की धूनी के साथ हुई। बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी में आयोजित इस दिव्य कथा में मां गंगा की गोद में बैठे भक्त शिवमय हो गए। कथा स्थल श्रोताओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। भजन और शहनाई की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

दान और सेवा का महत्व
कथा में एक लोटा जल चढ़ाने की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि शिवालय में जल अर्पित करने से जीवन की समस्याएं दूर होती हैं। कथा से प्राप्त दान का उपयोग धर्मशाला निर्माण, गौशाला, गरीबों के लिए अस्पताल और अन्य सेवा कार्यों के लिए किया जाएगा। धर्मशाला में 351 कमरे और बड़े-बड़े हॉल बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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शिवमहापुराण के प्रसंग और संदेश
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने राजा सत्यकेतु और देवर्षि नारद की कथाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिव महापुराण सुनने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। उन्होंने बताया कि परिवार में कोई एक सदस्य कथा वाचक होना चाहिए। भोजन को चार हिस्सों में बांटकर गाय, भगवान, गुरु और कुत्ते के लिए अलग से रखने की परंपरा का महत्व भी समझाया गया।

उन्होंने मुस्कुराहट के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “मुस्कुराहट से बड़े-बड़े काम आसानी से हो जाते हैं। भगवान शिव से प्रार्थना करते समय भी प्रसन्न रहना चाहिए।”

राजा परीक्षित की कथा और मृत्यु का संदेश
राजा परीक्षित की कथा का वर्णन करते हुए कहा गया कि शिव महापुराण सुनने से मृत्यु का कष्ट नहीं होता, भले ही मृत्यु टाली नहीं जा सकती। भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का महत्व समझाते हुए उन्होंने कहा कि शिव की कृपा से भक्त जीवन के हर संघर्ष से उबर सकते हैं।

भव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालु शामिल
कार्यक्रम के समापन पर लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर होकर उपस्थित रहे। महामंडलेश्वर श्री संतोष दास सतुवा बाबा ने आयोजन में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों, विशेषकर डोमरी ग्रामवासियों और पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया और आस्था चैनल के कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने कार्यक्रम का प्रसारण किया।

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काशी के विकास की सराहना
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी के विकास की प्रशंसा करते हुए नमो घाट और चौड़ी सड़कों जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया गया। दिव्य-भव्य काशी को नमन करते हुए आयोजन समिति के सदस्यों संजय केसरी, संदीप केसरी, प्रदीप मानसिंहका, सीताराम अग्रहरि और अन्य ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

महामंडलेश्वर का संदेश
महामंडलेश्वर श्री संतोष दास सतुवा बाबा ने समापन पर कहा, “यह आयोजन काशीवासियों और सभी श्रद्धालुओं की समर्पण भावना का प्रतीक है। मैं सभी भक्तों, श्रोताओं और आयोजकों को नमन करता हूं।”

शिवमहापुराण कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भंडारे में भोजन किया और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस कार्यक्रम ने काशी के श्रद्धालु समुदाय में उत्साह और भक्ति का अद्वितीय संचार किया।

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