Connect with us

वाराणसी

काशी विश्वनाथ के गर्भगृह में अर्चक वेश में तैनात होंगे पुलिसकर्मी : कमिश्नर मोहित अग्रवाल

Published

on

Loading...
Loading...

धार्मिक पुलिसिंग का तीन दिनों का दिया जाएगा प्रशिक्षण

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद से देश-विदेश के श्रद्धालुओं का बनारस आने का सिलसिला जारी है। पिछले 1 साल में 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए तथा सुरक्षा के मद्देनजर वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने नई स्ट्रेटजी बनाई है। उन्होंने मंगलवार को विश्वनाथ धाम परिसर की सुरक्षा-व्यवस्था का निरीक्षण किया। तत्पश्चात धाम के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि, काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में अर्चकों की वेशभूषा में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। तैनाती के पहले उन्हें धार्मिक पुलिसिंग का तीन दिनों का प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। यह पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करेंगे। श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार उनकी तैनाती की कसौटी होगी।

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, बहुत जल्दी यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में पुलिसकर्मी पुजारी (अर्चक) की वेशभूषा में तैनात किए जाएंगे। इनमें पुरुष, धोती और अंगवस्त्र जबकि महिला पुलिस कर्मी सलवार-कमीज में रहेंगी। इनकी सहायता के लिए दो पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मी सादे वेश में ही गर्भगृह के ठीक बाहर रहेंगे।

इसके अलावा बैठक में कमिश्नर ने कुछ अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि, कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल या सोशल मीडिया पर व्यस्त न रहें। अपना आचरण उच्च कोटि का रखें, वर्दी दुरूस्त हो एवं आईकार्ड अवश्य लगाएं। मंदिर में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल में अधिकारियों और थानों के नंबर होने चाहिए।

Advertisement

वीवीआईपी आगमन के बारे में बात करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि, अक्सर वीवीआईपी के आगमन पर पुलिस कर्मी सामान्य श्रद्धालुओं को धक्का मारकर हटाते हैं। अब वह नो टच पॉलिसी का पालन करेंगे। गर्भगृह में यथासम्भव महिला पुलिस कर्मी अधिक समय लेने वाले श्रद्धालुओं को हटाएंगी। बाकी जगह भीड़ नियंत्रण के लिए रस्सों का प्रयोग होगा।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page