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वाराणसी

पारम्परिक कारीगरो के आजीविका के साधनों के सुदृढीकरण करने हेतु 06 दिन के प्रशिक्षण के उपरान्त टूलकिट हेतु आवेदन ऑनलाइन 20 मई तक

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वाराणसी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति- 2017 के अन्तर्गत जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारम्परिक कारीगरों के विकास हेतु उद्योग विभाग द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना संचालित की गयी है। इस योजना के अन्तर्गत पारम्परिक कारीगरो जैसे टोकरी बुनकर, दर्जी, कुम्हार, नाई, लोहार, मोची, सुनार, हलवाई, राजमिस्त्री एवं बढई को आजीविका के साधनों के सुदृढीकरण करने हेतु 06 दिन के प्रशिक्षण के उपरान्त टूलकिट दिये जाने का प्राविधान है।
उक्त के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग ने बताया कि इसके लिये आवेदन पत्र हलफनामा सहित कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र में 20 मई को 5.00 बजे तक जमा किये जायेगें। आवेदन पत्रों पर समिति के माध्यम से साक्षात्कार में चयनित किये गये अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण एव टूलकिट प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि न्यूनतम आयु 18 वर्ष व उ0प्र0 (जनपद-वाराणसी) के मूल निवासी होना चाहिये। परम्परागत कारीगरी से जुड़े होने के प्रमाण पत्र के रूप में ग्राम प्रधान, अध्यक्ष-नगर पंचायत अथवा नगर निगम के सम्बन्धित वार्ड के सदस्य द्वारा निर्गत किया गया प्रमाण पत्र। परिवार (पति अथवा पत्नी) मे से केवल एक सदस्य ही आवेदन हेतु पात्र होगा। इसके लिये आवेदन अपलोड करने का बेवसाइट www. DIUPMSME.UPSDC.GOV.IN पर आनॅलाइन 20 मई तक भरे जा सकते है। प्राप्त आवेदन पत्रों पर समिति के माध्यम से साक्षात्कार में चयनित किये गये अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण एव टूलकिट प्रदान किया जायेगा।

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