वाराणसी
नगर निगम ने कंदवा में कराई 15 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त
हाइवे से सटी आठ बिस्वा बेशकीमती जमीन पर भूसा रखकर किया गया था अवैध कब्जा
वाराणसी। नगर निगम प्रशासन सरकारी संपत्तियों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह सजग है। इस कड़ी में गुरुवार को नगर निगम की टीम ने कंदवा क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब आठ बिस्वा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। हाईवे से सटे होने के कारण इस जमीन की बाजार दर से अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कंदवा क्षेत्र स्थित आराजी नंबर 918 घ पर कुछ क्षेत्रीय दबंगों ने कच्ची दीवार खड़ी कर उस पर अस्थायी टीनशेड डाल दिया था। बेशकीमती जमीन के इस हिस्से का उपयोग अवैध रूप से भूसा रखने के लिए किया जा रहा था तथा बाकी भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने इस पर कानूनी शिकंजा कसा था।
इस भू-भाग का मामला लंबे समय से चकबंदी अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी और उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में विचाराधीन था। हाल ही में चकबंदी न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उक्त जमीन को बंजर और शासकीय संपत्ति घोषित कर दिया। चूंकि यह क्षेत्र शहरी सीमा के अंतर्गत आता है, इसलिए न्यायालय के आदेश के बाद इस संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व और अधिकार नगर निगम के पास आ गया।
नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल के निर्देश पर गुरुवार को अपर नगर आयुक्त संगम लाल एवं सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में निगम का प्रवर्तन दल और अतिक्रमण दस्ता मौके पर पहुंचा। टीम ने अवैध रूप से बनाए गए टीनशेड और कच्ची दीवारों को ध्वस्त कर पूरी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में खलबली मच गई। नगर आयुक्त का कहना है कि शहर में कहीं भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी संपत्तियों को चिह्नित कर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
