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गाजीपुर

मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है – श्री विभु जी महाराज

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सद्भावना की शक्ति से देश आगे बढ़ेगा – श्री विभु जी महाराज

सद्भावना सम्मेलन में श्री विभु जी महाराज ने हजारों श्रद्धालुओं को किया सम्बोधित

बहरियाबाद (गाजीपुर) जयदेश। अखिल भारतीय आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान और सादात ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. संतोष कुमार यादव जी के सौजन्य से सलेमपुर बघाई में आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीमद् भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ’ के सातवें व अंतिम दिन देवभूमि उत्तराखंड से पधारे परम पूज्य श्री विभु जी महाराज सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों से पधारे अनेक ज्ञानी संतों ने अपने-अपने सत्संग विचार रखे।

सलेमपुर बघाई स्थित शहीद चंद्रशेखर आज़ाद इंटर कॉलेज के मैदान में हजारों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए हृदय सम्राट व युवाओं के पथ प्रदर्शक पूज्य श्री विभु जी महाराज ने कहा कि सद्भावना की शक्ति से देश आगे बढ़ेगा। इस सद्भावना सम्मेलन से हमें अपने साथ कुछ न कुछ लेकर जाना है। सद्भावना जब जीवन में आएगी तो सबके कल्याण के बारे में हम सोचेंगे और देश के विकास में अपना योगदान देंगे।

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उन्होंने कहा कि हमें मन के हिसाब से नहीं चलना है बल्कि मन को अपने हिसाब से चलाना है। मन पर अंकुश लगाने की कला समय के सद्गुरु बताते हैं, मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है। मन की गुलामी से बाहर निकलिए और खुशहाल जीवन जीने की कला सीख लें। सद्भावना सम्मेलन में प्रवचन के रूप में, श्री विभु जी महाराज ने कहा कि आज हम यहाँ एकत्रित हुए हैं ताकि हम अपने जीवन को सार्थक बना सकें। हमें अपने जीवन में सत्कर्म करना चाहिए और दूसरों की सेवा करनी चाहिए। हमें शांति और सुख की ओर ले जाने के लिए मन को एकाग्र करना चाहिए। हमारे जीवन में सद्भावना और प्रेम की भावना बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमें एक दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना रखनी चाहिए। हमें अपने जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए। मैं आप सभी को आध्यात्मिक ज्ञान और शांति की ओर ले जाने के लिए प्रेरित करता हूँ। हम सब मिलकर अपने जीवन को सार्थक बनाएं और दूसरों की सेवा करें।

उन्होंने अपने प्रवचन में युवाओं का भी मार्गदर्शन किया और कहा कि युवा समाज आज बिल्कुल दिशाहीन होता जा रहा है, यह केवल अध्यात्म से दूर होने के कारण हुआ है। युवा समाज जब अध्यात्म से जुड़ेगा और युवा अपनी शक्ति को जब पहचान लेगा तो जीवन में हर मुश्किल कार्य को आसानी से करेगा, जीवन में कुछ बड़ा करेगा। हमें जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

हथियापीठ के महामंडलेश्वर पूज्य श्री भवानीनंदन जी महाराज ने पांडाल में उपस्थित भक्तों के बीच अपने विचारों को व्यक्त किया और कहा कि मैं तो केवल इस युग पुरुष (श्री विभु जी महाराज) के दर्शन करने आया हूँ। श्री विभु जी महाराज का हमारे क्षेत्र में आना हमारे लिए परम सौभाग्य की बात है। उपस्थित भक्तों के लिए कहा कि आप सभी लोग श्री विभु जी महाराज के पदचिन्हों पर चलकर भारत देश का नाम रोशन करें और अपने जीवन का कल्याण करें क्योंकि इनका (श्री विभु जी) अवतार जगत कल्याण के लिए हुआ है।

उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक डॉ. संतोष यादव को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की मंगलकामना की और सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। यह सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ के समापन दिवस पर हवन किया गया जिसमें पूज्य विभु जी महाराज सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने यज्ञ में आहुति डाली। अनेक आचार्यजनों ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन किया।

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आनंद भवन का किया गया उद्घाटन
सादात ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. संतोष यादव जी ने अपने आवास के साथ एक मनमोहन ‘आनंद भवन’ बनवाया, आने की प्रतीक्षा में सुबह से भक्त पलकें बिछाए अपने आराध्य का एक झलक पाने को बेकरार हो रहे थे। घंटों की प्रतीक्षा के बाद जब विभु जी महाराज का आगमन हुआ तभी सब भक्तों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सभी आनंद से गाने-बजाने और नाचने लगे। तत्पश्चात श्री विभु जी महाराज ने शिलापट का अनावरण व फीता काटकर नव निर्मित “आनंद भवन” का उद्घाटन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्त इस पल के साक्षी बने।

सद्भावना सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि हथियामठ के महामंडलेश्वर पूज्य श्री भवानीनंदन जी महाराज सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम और फूल-मालाओं से किया गया। पूज्य श्री विभु जी महाराज का स्वागत श्री भवानीनंदन जी महाराज ने किया। आरती-पूजन व विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। तत्पश्चात् भोजन-भंडारे का सभी ने लाभ उठाया। मंच संचालन डॉ. संतोष कुमार यादव जी ने किया।

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