वाराणसी
परीक्षा का दबाव किशोरों में बढ़ा रहा मानसिक तनाव
वाराणसी में पढ़ाई और परीक्षा के बढ़ते दबाव का असर अब किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। हालात यह हैं कि मानसिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 60 से अधिक छात्र मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा परामर्श ले रहे हैं। परीक्षा की तैयारी के दौरान बढ़ता तनाव बच्चों और किशोरों में मानसिक परेशानी और अवसाद का कारण बन रहा है।
जानकारी के अनुसार, जैसे-जैसे परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों पर पढ़ाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा प्रभाव उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है। मानसिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों और टेलीमानस सेवा के माध्यम से आने वाले कॉल को मिलाकर प्रतिदिन करीब 60 से अधिक किशोर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा, अभिभावकों का दबाव और प्रतिस्पर्धा का माहौल किशोरों में तनाव और अवसाद को बढ़ा रहा है। यही कारण है कि हाल के दिनों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
