गोरखपुर
श्रीमद्भागवत कथा में कलयुग–परीक्षित संवाद से भक्त हुए भाव-विभोर
गोरखपुर। हरपुर बुदहट के परमेश्वरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिवस का आयोजन शनिवार को अत्यंत भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कथा-स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरा परिसर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा।
कथा-वाचक आचार्य कृष्ण चन्द्र पांडेय ने इस अवसर पर कलयुग और राजा परीक्षित के संवाद का विस्तृत, प्रभावशाली और शिक्षाप्रद वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कलयुग में मनुष्य के भीतर विकार किस तरह बढ़ते हैं और उनसे मुक्त होने का एकमात्र मार्ग धर्म, सत्य और भगवान की भक्ति है। उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मचक्र को सुचारु रखने के लिए मनुष्य को अपने आचरण में सुधार अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु ध्यानपूर्वक कथा का रसास्वादन करते रहे। मुख्य यजमान के रूप में विष्णु प्रसाद मिश्र उपस्थित रहे, जबकि उनके साथ बीडीसी सदस्य राजेश मिश्रा, संजय मिश्रा, राजकुमार, सुनील, संतोष, मुकेश, सौर्य, आर्यन, ईशान, श्याम रूप पांडेय, प्रशांत चौरसिया सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कथा में दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी लोगों का निरंतर आगमन हो रहा है। प्रतिदिन सुबह से ही कथा-स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। स्त्री, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक कथा श्रवण कर रहे हैं। भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। गांव के लोग भी नियमित रूप से कथा में सहभागी हो रहे हैं।
श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से ग्राम पंचायत परमेश्वरपुर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक चेतना का नया प्रकाश प्रस्फुटित हो रहा है।
