Connect with us

वाराणसी

शिकायतकर्ताओं से बिना मिले अफसरों ने बना दी फर्जी रिपोर्ट

Published

on

Loading...
Loading...

सीएम योगी के निर्देशों के बावजूद अफसरों की लापरवाही जारी

वाराणसी। जिले में शिकायतों के निस्तारण को लेकर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। अफसर आईजीआरएस/जनसुनवाई पोर्टल पर खानापूर्ति कर शिकायतों को कागज़ पर निस्तारित दिखा रहे हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं। पोर्टल पर आ रही शिकायतों का फर्जी तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। कागज़ पर आई शिकायतों का ‘समाधान’ भी कागज़ पर ही हो रहा है और रिपोर्ट लखनऊ भेज दी जा रही है।

निर्देशों के बाद भी लापरवाही

सीएम योगी आदित्यनाथ ने काशी में हालिया जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लापरवाही जारी है। डीएम सत्येंद्र कुमार ने निलंबन की कार्रवाई की और कई अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी, फिर भी सुधार नहीं दिख रहा।

केस एक: तालाब की सफाई—रिपोर्ट में ‘निस्तारित’, जमीन पर स्थिति वही

Advertisement

कछवां रोड, सेवापुरी ब्लॉक के प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम पुरे के बसंत लाल सरोज ने 16 अगस्त को सीएम पोर्टल पर तालाब की सफाई न होने की शिकायत दर्ज कराई। किसी अफसर ने संपर्क नहीं किया। 31 अगस्त को लखनऊ से फोन आया कि शिकायत का निस्तारण हो गया है और संतुष्टि पूछी गई। शिकायतकर्ता ने असंतोष जताया। इससे पहले 25 जुलाई को सीडीओ हिमांशु नागपाल ने निरीक्षण में सफाई के निर्देश दिए थे, पर स्थिति जस की तस है।

केस दो: सीवरलाइन जाम—बिना निरीक्षण शिकायत बंद

चिरईगांव की ग्राम पंचायत विशुनपुरा सरैया के महाबली मिश्र ने सीवरलाइन जाम से मुख्य मार्ग पर गंदा पानी भरने की शिकायत की। कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया, न शिकायतकर्ता से बात हुई, फिर भी निस्तारण दिखा दिया गया। इसी गांव के अभिषेक मिश्र ने इंटरलॉकिंग रिपेयर की कई शिकायतें कीं, लेकिन न अधिकारी पहुंचे, न संपर्क किया गया—कागज़ पर निस्तारण हो गया।

केस तीन: ग्राम सचिव की अनुपस्थिति—जांच बिना ‘सब ठीक’

काशी विद्यापीठ ब्लॉक के महमूदपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि इम्तियाज हाशमी ने आईजीआरएस पर ग्राम पंचायत सचिव के न आने और मनमाने तरीके से काम करने की शिकायत की। निस्तारण की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत सुनील कुमार को मिली। वे गांव आए बिना रिपोर्ट में लिख गए कि सचिव हर बुधवार को आते हैं। शिकायतकर्ता से मुलाकात भी नहीं हुई।

Advertisement

केस चार: सरकारी भूमि पर कब्ज़ा—शिकायतकर्ता से बात तक नहीं

चौबेपुर थाना क्षेत्र के रामचंदीपुर निवासी सुनील कुमार यादव ने सरकारी भूमि पर कब्ज़े की शिकायत की। लेखपाल ने शिकायतकर्ता से संपर्क किए बिना ही रिपोर्ट लगा दी कि आराजी नंबर 426 बहुत बड़ा है और कई खातों में बंटा हुआ है।

केस पांच: इंटरलॉकिंग निर्माण—समस्या यथावत, कागज़ पर समाधान

चिरईगांव के जाल्हूपुर निवासी सोनू यादव ने कच्चे मार्ग पर इंटरलॉकिंग निर्माण की मांग की। कोई अफसर निरीक्षण को नहीं आया, न संपर्क किया। समस्या जस की तस है, पर पोर्टल पर शिकायत ‘निस्तारित’ दर्शाई गई।

केस छह: नक्शा संशोधन—फाइल गायब, सात दिन में ‘निस्तारण’

Advertisement

ग्राम पंचायत काशीपुर के सेवानिवृत्त शिक्षक स्वर्गीय रामाश्रय पांडेय (उम्र 85) ने 11 अप्रैल 2019 को नक्शा संशोधन का वाद दाखिल किया था। 2023 में उनके निधन के बाद पुत्र रत्नेश पांडेय ने प्रकरण आगे बढ़ाया। तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट दी कि फाइल उपलब्ध नहीं है। इसके बाद जनसुनवाई पोर्टल पर सात दिनों में निस्तारित दिखा दिया गया, जबकि समस्या बरकरार है।

डीएम की चेतावनी

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कई अधिकारी बिना मौके पर गए ही समाधान की रिपोर्ट पोर्टल पर भेज देते हैं। आगे ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page