गाजीपुर
कूड़ा-करकट भवन निर्माण पर घोटाले का आरोप, बीडीओ रिपोर्ट को बताया भ्रामक और झूठा
शिकायतकर्ता ने डीएम और एसडीएम से की पारदर्शी जांच की मांग
भांवरकोल (गाजीपुर)। स्थानीय विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत टोडरपुर भांवरकोल निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता चंदन कुशवाहा ने पंचायत राज सचिव लखनऊ, जिलाधिकारी गाजीपुर और उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद डॉ. हर्षिता तिवारी को अलग-अलग संबोधित रजिस्टर्ड डाक द्वारा शिकायती पत्र प्रेषित करते हुए आरोप लगाया है कि टोडरपुर गांव में पिछले महीनों नव निर्मित कूड़ा-करकट संग्रह भवन में उसके द्वारा की शिकायतों की जांच जो विकास खंड स्तर पर जांच करके रिपोर्ट ऊपर के संबंधित अधिकारियों को दी गई है वह रिपोर्ट पूरी तरह से भ्रामक और सत्यता से परे है।
शिकायतकर्ता चंदन कुशवाहा ने त्रय अधिकारियों को प्रेषित अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि अधिकारियों द्वारा जांच करके लगाए गए रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। दिए गए रिपोर्ट में कोई भी सच्चाई नहीं है बल्कि यह भ्रामक एवं झूठ का पुलिंदा भर है। इसलिए फिर से इसकी जांच जिला या प्रदेश स्तरीय टीम द्वारा किए जाने की मांग शिकायतकर्ता ने किया है ताकि भवन निर्माण में प्रयुक्त घटिया मैटेरियल का पोल खुल सके एवं घोटालेबाजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
गांव के ही रामचंद्र कुशवाहा, दयानाथ कुशवाहा, सुदर्शन कुशवाहा, श्रीभगवान, शिवदरस, अनिल मौर्य, सुरेंद्र कुशवाहा आदि सहित प्रार्थी चंदन कुशवाहा का आरोप है कि भवन निर्माण में घटिया ईंटें, दो नंबर का सीमेंट व सफेद बालू का प्रयोग किया गया है जो निर्धारित मानकों के खिलाफ है।
बताते चलें कि प्रार्थी चंदन कुशवाहा ने कूड़ा-करकट निष्पादन केंद्र में प्रयोग किए गए घटिया मैटेरियल के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी। उसी के आलोक में स्थानीय विकास खंड के बीडीओ, एडीओ आदि की टीम शिकायतकर्ता चंदन कुशवाहा की अनुपस्थिति में मौके पर जाकर भवन की स्थलीय जांच की और सच्चाई जानते हुए भी घोटालेबाजों के पक्ष में उन्हें बचाने के लिए लगाए गए सही आरोपों को खारिज कर दिया था और इतना ही नहीं इसका फीडबैक प्रधान समर्थकों से करा दिया गया। इससे क्षुब्ध होकर प्रार्थी ने खारिज सच्चाई को सामने लाने के लिए आज रजिस्टर्ड डाक द्वारा उच्च स्तरीय अधिकारियों के यहां उसकी उपस्थिति में फिर से जांच करने का गुहार लगाई है।
स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा बनवाए गए इस कूड़ा-करकट निष्पादन केंद्र निर्माण में किए गए घोटाले व अनियमितताओं की जांच फिर से जिला या प्रदेश स्तरीय जांच टीम द्वारा किए जाने की गुहार लगाई है और वह भी उसकी उपस्थिति में। शिकायतकर्ता चंदन कुशवाहा ने स्पष्ट लिखा है कि नव निर्मित कूड़ा-करकट भवन में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है। भवन निर्माण में दो नंबर की ईंट, लाल बालू की जगह सफेद बालू का प्रयोग किया गया है। प्रार्थी का मानना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को कुर्बान हो सकता है लेकिन प्रधान की कारस्तानी सबके सामने आनी चाहिए।
