वाराणसी
हमें गर्व है कि हम भारतीय संस्कृति की पीढ़ी है : अजय गौतम
भाविप काशी द्वारा ’’नव संवत्सर 2081’’ का स्वागत युवा प्रेरणास़्तोत्र स्वामी विवेकानन्द के प्रतिमा के समक्ष भगवान भास्कर को अर्घ अर्पित कर किया गया
वाराणसी। चैत्र शुक्ल प्रतिप्रदा (भारतीय नववर्ष) के अवसर पर भारत विकास परिषद् के काशी शाखा के द्वारा ’’नव संवत्सर 2081’’ का स्वागत मंगलवार की प्रातः युवा प्रेरणास़्तोत्र स्वामी विवेकानन्द के प्रतिमा के समक्ष प्रांतीय अधिकारी रवि जायसवाल, मीना सिंह, विशाल कपूर, नमित पारीख सहित भाविप काशी शाखा के अजय गौतम (अध्यक्ष), निशांत केशरी (सचिव), अल्पना अग्रवाल (महिला संयोजिका), मोहित गुप्ता द्वारा भगवान भास्कर को अर्घ अर्पित कर किया गया।

वहीं शाम को इस्कान मंदिर के भजन मंडली के साथ श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगकर हुई। भजन संध्या की औपचारिक शुरूवात दीप प्रज्जवलन के बाद, इस्कान मंदिर के भजन मंडली ने अपनी प्रस्तुति से किया। इस मौके पर भगवान श्री कृष्ण के भजनों की संगीतमय प्रस्तुति ने सभी को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर शाखा द्वारा वार्षिक कार्यक्रम के तहत गुरूधाम चौराहे को लाइट से सजाते हुए भगवामय किया गया था।इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय गौतम ने सभी को नव संवत्सर की बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है। हमें गर्व है कि हम ऐसी संस्कृति की पीढ़ी है जिसने गणित को शून्य से पूर्ण किया। सदियों आतताईयों से लुटने के बावजूद अपनी संस्कृति अपनी धरोहर को संजोये रखा है। साथ ही उन्होने कहा कि इस देश के नौजवान युवा प्रेरणास़्तोत्र स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों, शिक्षा एवं प्रेरणा से प्रेरित होकर देश को वैभवशाली बनाने की ओर अग्रसर है। जिसके बाद ‘‘नव संवत्सर’’ महत्व पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन अनिता जसरापुरिया एवं शिल्पी खन्ना ने किया। कार्यक्रम पर्यवेक्षक के रूप में संतोष अग्रवाल मौजूद रहे। इस मौके पर प्रांतीय पदाधिकारी एवं शाखा के सदस्यों निशांत केशरी, अल्पना अग्रवाल, मोहित गुप्ता, अमित अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, अरविन्द अग्रवाल, संतोष जरिया, संतोष अग्रवाल (हरे कृष्ण), संजीव अग्रवाल, दिनेश गर्ग, सुप्रिया जरिया, रूबी जैन, ने प्रमुख रूप से सहभागिता की।
