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गोरखपुर

शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए होगा गंभीर प्रयास : माता प्रसाद पांडेय

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गोरखपुर। सिविल लाइन स्थित एक लॉन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठाकुरई के 63वें वार्षिक महाधिवेशन एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय “शिक्षकों के समक्ष बढ़ती चुनौतियां और समाधान” रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने शिक्षकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मेलन में उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान बढ़ाने तथा उनकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए विचार-विमर्श आवश्यक है। लोकतंत्र में संगठन बनाने और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उन लोगों का है जो वास्तव में समस्याओं से जूझ रहे हैं।

प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर केंद्र सरकार पर्याप्त स्टॉक होने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर आम जनता गैस सिलेंडर के लिए परेशान है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को आवश्यकता के अनुरूप गैस नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण लोग फिर से लकड़ी का उपयोग करने को मजबूर हो रहे हैं।

विपक्षी गठबंधन और राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ममता बनर्जी से मिलना स्वाभाविक है क्योंकि वे गठबंधन की सहयोगी हैं। पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी और भाजपा चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का कार्य कर रही है।

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी और प्रदेश में भाजपा को कड़ी टक्कर देगी। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा को सहयोगी दलों का समर्थन नहीं मिला होता तो केंद्र में सरकार बनाना मुश्किल हो जाता।

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महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और चुनावी प्रक्रियाओं में निष्पक्षता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की हार संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं और समाजवादी पार्टी यहां मजबूत स्थिति में है।

ब्राह्मण समाज के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में सबसे अधिक उत्पीड़न ब्राह्मण समाज का हुआ है। वहीं गोरखपुर में शंकराचार्य के आगमन पर उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रहे हैं और उनके प्रति समाज में श्रद्धा है।

महाधिवेशन में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश नायक, प्रोफेसर चितरंजन मिश्रा, एसपी त्रिपाठी, डॉ. रजनीकांत पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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