वाराणसी
रस्साकशी प्रतियोगिता में बलदेव पी जी कॉलेज रहा अव्वल
रिपोर्ट – मनोकामना सिंह
वाराणसी।श्री अग्रसेन कन्या पी जी कॉलेज वाराणसी के परमानंदपुर परिसर का खेल मैदान वीरांगनाओं से पटा पड़ा था,स्पोर्ट्स ड्रेस में सभी उछलते कूदते अपनी अपनी उपस्थिति और दम खम का भान करा रहे थे।अवसर था महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी से संबद्ध महाविद्यालयों के अंतरमहाविद्यालयी रस्साकशी प्रतियोगिता के आयोजन का, जिसमें श्री अग्रसेन कन्या पी जी कॉलेज वाराणसी के साथ ही बलदेव पी जी कॉलेज बड़ागांव,धीरेंद्र महिला पी जी कॉलेज, सीएट कॉलेज गहनी,महादेव पी जी कॉलेज वरियासनपुर,हरिश्चंद्र पी जी कॉलेज, बी आई टी कॉलेज,राम मनोहर लोहिया पी जी कॉलेज भैरोतालब वाराणसी तथा राजकीय महाविद्यालय ओबरा सोनभद्र ने अपने पूरे जोश,उत्साह और ताकत के साथ प्रतिभाग किया।विभिन्न चरणों में आयोजित कड़े और रोमांचक मुकाबले में बलदेव पी जी कॉलेज बड़ागांव की छात्राओं ने प्रथम,मेजबान अग्रसेन कॉलेज की टीम द्वितीय एवम राम मनोहर लोहिया पी जी कॉलेज भैरोतालाब की टीम को तृतीय स्थान मिला।प्रतियोगिता के दौरान ही विश्वविद्यालय के चयनकर्ताओं की पारखी नजर प्रत्येक प्रतिभागी पर थी, जिसमें अग्रसेन कॉलेज की चार छात्राओं साधना सिंह,माया गोंड,ज्योति पटेल और सरिता यादव का चयन विश्विद्यालय की रस्साकशी टीम के लिए किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवम ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती तथा महराज अग्रसेन के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।संगीत विभाग की छात्राओं ने डा अपर्णा शुक्ला के निर्देशन में सरस्वती वंदना,स्वागत गीत तथा महाविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव श्री राजेश सिंह ने छात्राओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया।विशिष्ट अतिथि डा मुकेश कुमार पंथ,सचिव,क्रीड़ा परिषद,काशी विद्यापीठ वाराणसी ने खेल भावना से प्रतिभाग करने हेतु सभी को प्रेरित किया।महाविद्यालय की सहायक मंत्री और रसायनशास्त्र की मर्मज्ञ डा रूबी साह ने खेल से होने वाले फायदे और प्रतिस्पर्धा के दौरान उत्पन्न प्रेरक,शक्ति,उत्साह का जिक्र किया।प्राचार्य प्रो मिथिलेश सिंह ने कहा कि खेलने से शारीरिक और मानसिक दोनों विकास होता है।किसी भी प्रतियोगिता में जीतने से ज्यादा प्रतिभाग करना महत्वपूर्ण होता है।सभी अतिथियों ने फीता काटकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।विद्यापीठ से चयनकर्ता के रूप में डॉ सैय्यद दुलारे हुसैन, डा रणधीर सिंह जबकि निर्याणक मंडल में डा गोपाल कुमार, डा आर एन बनर्जी, डा आनंद प्रकाश, अजीत चौबे मौजूद रहे तथा अपना कार्य पूर्ण मनोयोग से संपादित किया।महाविद्यालय के क्रीड़ा परिषद की सचिव डा नंदिनी पटेल,कोच श्रद्धा वर्मा की देखरेख में पूरा कार्यक्रम आयोजित किया गया।क्रीड़ा परिषद के सदस्य राजेश सिंह, डा प्रिया भारतीय, डा साधना यादव आदि का सहयोग आयोजन में काफी महत्वपूर्ण रहा।कार्यक्रम में डा सुमन मिश्रा, डा आभा सक्सेना, डा अनीता सिंह, डा दुष्यंत सिंह, डा मृदुला व्यास, शोभा प्रजापति सहित अनेक शिक्षक,कर्मचारीगण और दर्शक छात्राएं भी काफी संख्या में उपस्थित रही।सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किया गया।
