वाराणसी
निशा विश्वकर्मा हत्याकांड और पूर्व मंत्री मामले को लेकर सपा नेताओं ने एडीजी से की मुलाकात
निष्पक्ष जांच, गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग के साथ सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। गाजीपुर में हुई नाबालिग निशा विश्वकर्मा की हत्या और पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा पर हुए हमले के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने गुरुवार को अपर पुलिस महानिदेशक पियूष मोर्डिया से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव “लक्कड़” ने किया।
जिलाध्यक्ष ने एडीजी को अवगत कराया कि करण्डा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव निवासी सियाराम विश्वकर्मा की बेटी निशा विश्वकर्मा की दबंगों ने हत्या कर शव गंगा नदी में फेंक दिया था। उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा था।

नेताओं ने आरोप लगाया कि इसी दौरान ग्राम प्रधान आशुतोष सिंह “आशु” ने अपने समर्थकों के साथ सुनियोजित तरीके से पथराव कराया, जिसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि महिला कार्यकर्ताओं को भी चोटें आईं। उनका कहना था कि घटना के दौरान पुलिस मौजूद रही, लेकिन कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
पूर्व मंत्री एवं कैन्ट विधानसभा प्रभारी रीबू श्रीवास्तव ने कहा कि आशुतोष सिंह ने पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से सपा प्रतिनिधिमंडल को गांव में न आने की धमकी दी थी और हमला पूर्व नियोजित था। पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा” ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।

सपा नेताओं ने मांग की कि रामआसरे विश्वकर्मा पर हमले के आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और निशा विश्वकर्मा हत्याकांड को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने आशुतोष सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने तथा सीओ सिटी, थानाध्यक्ष करण्डा सहित संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की भी मांग रखी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुजीत यादव “लक्कड़”, संतोष यादव बबलू एडवोकेट, विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा”, रीबू श्रीवास्तव, डॉ. उमाशंकर सिंह यादव, हीरू यादव, शशि यादव, संगीता पटेल, संजू विश्वकर्मा, पार्वती कन्नौजिया, प्रिंस सिंह, आकाश विश्वकर्मा और रामकुमार यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
