वाराणसी
काशी मॉडल बनेगा सिंहस्थ कुंभ का आधार, सीएम मोहन यादव ने किया व्यवस्थाओं का अध्ययन
वाराणसी। मध्य प्रदेश के उज्जैन में अप्रैल-मई 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हर 12 वर्ष में शिप्रा नदी के तट पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन किया।
काशी विश्वनाथ धाम में लागू स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्लान (SOP) की जानकारी मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 मंदिर प्रशासन के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा, जब नए साल, महाकुंभ, महाशिवरात्रि और सावन जैसे अवसरों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान 26 करोड़ से अधिक भक्तों का आगमन हुआ, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में तैयार की गई भीड़ प्रबंधन योजना को 2025 में पूर्ण रूप से लागू किया गया, जिसकी सफलता यह रही कि किसी भी बड़े आयोजन के दौरान कोई अवांछित घटना नहीं हुई। इस व्यवस्था में होल्डिंग एरिया, जिग-जैग कतार प्रणाली, विशेष व्यक्तियों के लिए अलग प्रवेश द्वार और आम श्रद्धालुओं के लिए चार अलग-अलग एंट्री व निकासी मार्ग बनाए गए हैं। साथ ही हेड काउंट कैमरों के माध्यम से प्रति घंटे भीड़ की निगरानी की जाती है और स्थिति के अनुसार कतारों को छोटा या बड़ा किया जाता है।
गर्भगृह के बाहर से दर्शन की व्यवस्था रखते हुए भीड़ कम होने पर अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाती है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस और कर्मचारियों के व्यवहार पर नियंत्रण, हेल्प डेस्क की सक्रियता और लगातार अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया जाता है।
इस सफल मॉडल से प्रेरित होकर देश के कई बड़े मंदिरों ने इस व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए अपनी टीमें भेजी हैं। श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने भी इस एसओपी को अन्य संस्थानों में लागू करने के लिए कंसल्टेंसी और इंप्लीमेंटेशन सेवाएं प्रदान करने का निर्णय लिया है।
बताया गया कि काशी विश्वनाथ धाम का यह मॉडल उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए उपयोगी साबित होगा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
