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वाराणसी

उत्तर प्रदेश में इतिहास दोहराने से चूके अजय राय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांटे की टक्कर देने से बढ़ा सियासी कद

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अजय राय भले ही चुनाव नहीं जीत पाए हो लेकिन राजनीति में उनका कद अचानक बढ़ गया है। प्रधानमंत्री को कांटे की टक्कर देने से चारों तरफ वह चर्चा में है। देश से लेकर विदेश तक लोगों की निगाहें वाराणसी संसदीय सीट पर लगी थी। अचानक वह राजनीतिक परिदृश्य में वैश्विक स्तर पर एक नया चेहरा बन गए हैं।

70 से 80 के दशक में क्रांतिकारी समाजवादी नेता राज नारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली से हराकर पूरी दुनिया के सियासी क्षेत्र में हलचल मचा दिया था। अजय राय भले ही वह इतिहास नहीं दोहरा पाए लेकिन लोगों को उन्होंने सोचने पर मजबूर कर दिया। राज नारायण भूमिहार बिरादरी के नेता थे और उन्होंने जनता की अदालत के साथ-साथ अदालत में भी इंदिरा गांधी को शिकस्त दी थी। अजय राय भी भूमिहारी बिरादरी के ही हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री को टक्कर देकर खुद को पूर्वांचल के भूमिहार नेता के रूप में स्थापित कर लिया है।

इस बार के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को कुल 6,12, 970 वोट मिले और वह 1,52,513 मतों से विजयी हुए। तो वहीं अजय राय को कुल 4,60,457 वोट मिला है। अजय राय ने इस बार नरेंद्र मोदी को कांटे की टक्कर दी है। एक तरह से वह यह लोकसभा चुनाव हार कर भी जीत गए हैं।

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