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पीएम मोदी ने किया रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। हाल ही में भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया है और इसको फिर से बनाया गया है। जिसके बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में पुनर्विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ये रेलवे में बदलाव को दिखाता है। वहीं उन्होंने नाम बदलने को गोंडवाना इतिहास से जोड़ा।

स्टेशन अब गोंडवाना के गौरव से जुड़ा भोपाल में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय रेल का भविष्य कितना आधुनिक है, कितना उज्जवल है इसका प्रतिबिंब भोपाल के इस भव्य रेलवे स्टेशन में जो भी आएगा उसे दिखाई देगा। पीएम ने कहा, इस ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन का ना केवल पुनर्विकास किया गया है बल्कि गिन्नौरगढ़ की रानी कमलापति का नाम इस स्टेशन से जोड़ने से इसका महत्व भी बढ़ गया है। रेलवे का गौरव अब गोंडवाना के गौरव से जुड़ गया है।

पहले सब रेलवे को कोसते थे।पीएम मोदी ने कहा, भारत कैसे बदल रहा है, सपने कैसे सच हो सकते हैं, ये देखना हो तो आज इसका उत्तम उदाहरण भारतीय रेलवे भी बन रहा है। 6 वर्ष पहले तक जिसका भी पाला भारतीय रेलवे से पड़ता था वो भारतीय रेल को कोसते हुए जाता नजर आता था। देश का पहला पीपीपी मॉडल आधारित रेलवे स्टेशन देश को समर्पित किया गया है। जो सुविधाएं कभी एयरपोर्ट में मिला करती थीं, वो आज रेलवे स्टेशन में मिल रही हैं। रेलवे स्टेशन के पूरे ईको सिस्टम को इसी प्रकार ट्रांसफार्म करने के लिए आज देश के 175 से अधिक रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आज भारत आने वाले वर्षों के लिए खुद को तैयार कर रहा है, बड़े लक्ष्यों पर काम कर रहा है।

बीते 7 वर्षों में हर वर्ष औसतन 2,500 किमी ट्रैक कमीशन किया गया है। जबकि उससे पहले के वर्षों में ये 1,500 किमी के आस-पास ही होता था। पहले की तुलना में इन वर्षों में रेलवे ट्रैक के बिजलीकरण की रफ्तार पांच गुना से अधिक हुई है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ किसानों को, विद्यार्थियों को, व्यापारियों और उद्यमियों को होता है। आज हम देखते हैं कि किस तरह किसान रेल के माध्यम से देश के कोने-कोने के किसान दूर दराज तक अपनी उपज भेज पा रहे हैं। रेलवे द्वारा किसानों को माल ढुलाई में बहुत छूट भी दी जा रही है। इसका बहुत बड़ा लाभ देश के छोटे किसानों को भी हो रहा है। उन्हें नए बाजार मिले हैं, उन्हें नया सामर्थ्य मिला है।

भोपाल में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के उद्घाटन समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश के इंजीनियरों ने अपनी क्षमता से आधुनिक इंजन, कोच, मेट्रो, ट्रेनों के सुरक्षा कवच विकसित किए। भारतीय डिजाइन और देश में निर्मित टेक्नोलॉजी से भारत के आम आदमी को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश का पहला विश्व स्तरीय माडल स्टेशन है, जिसमें हवाई अड्डों जैसी सुविधाएं हैं। 450 करोड़ के प्रोजेक्ट वाले इस स्टेशन को पीपीपी मोड पर तैयार किया गया है। इस रेलवे स्टेशन में प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाए गए हैं। ओपन कानकोर्स में करीब 1,100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ट्रेनों की आवाजाही की जानकारी के लिए पूरे स्टेशन पर अलग-अलग भाषाओं के डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए स्टेशन पर लगभग 160 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके अलावा स्टेशन में फूड कोर्ट, रेस्तरां, एसी वेटिंग रूम और वीआईपी लाउंज भी होंगे। बता दें कि रानी कमलापति भोपाल की आखिरी हिंदू महारानी थीं, जिनके नाम हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदला गया है। रानी कमलापति ने खुद को बचाने के लिए जलसमाधि ले ली थी।

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