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वाराणसी

बीएचयू की योजनाएं 10 साल बाद भी अधूरी, कई परियोजनाएं केवल ब्रोशर तक सीमित

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वाराणसी। बीएचयू ने अपनी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को बीते 10 सालों में जमीन पर उतारने में सफलता नहीं पाई है। इनमें 10,000 छात्रों के लिए कन्वेंशन सेंटर, बीएसएल-4 लैब, ट्रांसलेशनल रिसर्च सेंटर, एडवांस्ड सेंटर, जीनोमिक्स और प्रोटेमिक्स प्रमोशन, और इंडियन कल्चरल हेरिटेज पर अध्ययन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

हाल ही में बीएचयू ने एक ब्रॉशर में अपना 10 साल पुराना विजन जारी किया। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार यह फ्यूचर विजन कई वर्षों से ब्रोशर में लगभग बिना बदलाव के प्रकाशित हो रहा है।

इनमें से कुछ ही योजनाएं पूरी हो सकी हैं। इन योजनाओं का खाका बीएचयू के पूर्व कुलपति और डीएनए फिंगर प्रिंटिंग के जनक प्रो. लालजी सिंह ने तैयार किया था, लेकिन उनका कार्यान्वयन अभी तक अधूरा है।

ब्रॉशर में शामिल कुछ विजन पहले ही पूरे हो चुके हैं, लेकिन उनकी जानकारी अपडेट नहीं की गई। उदाहरण के तौर पर, 500 बेड का एक इंटरनेशनल हॉस्टल बनाने का उल्लेख है, जबकि बीएचयू में ऐसा हॉस्टल पहले ही बनकर तैयार हो चुका है।

इसके अलावा बीएसएल-4 मानक के लैब का विजन भी ब्रोशर में शामिल है जो कोविड जैसे खतरनाक वायरस पर शोध के लिए जरूरी है लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि बीएचयू में बीएसएल-2 और बीएसएल-3 स्तर तक की लैब भी उपलब्ध नहीं है।

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