वाराणसी
विवाहिता को रिंग रोड पर छोड़ कर भागे ससुराल पक्ष के लोग
वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र के कोइराजपुर निवासी बालगोविंद पटेल की पुत्री खुशबू पटेल की शादी 9 दिसंबर 2020 को मिसिरपुर, रोहनियां निवासी अखिलेश पटेल के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में खुशबू के पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार 15 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने दहेज के रूप में 2 लाख रुपये नकद और एक हीरो होंडा मोटरसाइकिल की मांग की।
ससुराल पक्ष, जिसमें पति अखिलेश पटेल, सास शकुंतला, ससुर उमाशंकर और देवर अतुल पटेल उर्फ कमलेश शामिल हैं, लगातार खुशबू को दहेज न लाने पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।
इसी दौरान खुशबू गर्भवती हो गई। इस पर ससुराल पक्ष ने उसे मायके भेज दिया। खुशबू ने मायके में एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म से नाराज ससुराल वालों ने खुशबू को चेतावनी दी कि जब तक वह 2 लाख रुपये और मोटरसाइकिल लेकर नहीं आएगी, तब तक उसे घर में नहीं घुसने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर वह बिना दहेज के वापस आई तो उसे जिंदा जला दिया जाएगा।
बिरादरी की पंचायत के हस्तक्षेप के बाद ससुराल पक्ष ने खुशबू को विदा कराकर ले जाने का नाटक किया। रास्ते में हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड पर उसे छोड़कर भाग गये।खुशबू के पिता की शिकायत पर अदालत के आदेश से बड़ागांव पुलिस ने पति, सास, ससुर और देवर के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
