वाराणसी
साईं प्रतिमा हटाने वाले अजय की जमानत मंजूर, पुलिस को नहीं मिली रिमांड
वाराणसी के 14 मंदिरों में स्थापित साईं प्रतिमाओं को हटाने के मामले में मुख्य आरोपी सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा को कोर्ट से जमानत मिल गई है। विशेष जज की कोर्ट में सिगरा थाने में दर्ज केस में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया गया।
अजय शर्मा पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ करने के आरोप हैं। सिगरा थाने में उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं 299, 298, 353(2), 333 और 196 के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें धार्मिक स्थलों में प्रवेश और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से जुड़े आरोप शामिल हैं।
पुलिस की रिपोर्ट और अधिवक्ता की दलीलें
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अजय शर्मा की रिमांड की मांग की थी। अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी ने अदालत में अजय शर्मा की जमानत के पक्ष में दलीलें पेश करते हुए कहा कि शर्मा की हाल ही में ओपन हार्ट सर्जरी हुई है और उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही है। अधिवक्ता ने दावा किया कि कमिश्नरेट पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए अजय शर्मा को गिरफ्तार किया और शांतिभंग के आरोप में उन्हें जेल भेजा गया।
शिरडी साईं ट्रस्ट ने जताई थी आपत्ति
मंदिरों से साईं प्रतिमाएं हटाने के इस घटनाक्रम पर शिरडी साईं ट्रस्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी। ट्रस्ट ने सरकार से साईं प्रतिमाएं हटाने पर रोक लगाने की मांग की थी। सनातन रक्षक दल ने 1 अक्टूबर को वाराणसी के 14 मंदिरों से साईं की मूर्तियां हटाई थीं और 60 अन्य मंदिरों से भी मूर्तियां हटाने की योजना का ऐलान किया था। इस घटना के बाद वाराणसी के धार्मिक और सामाजिक माहौल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
मंदिरों में मूर्ति हटाने के घटनाक्रम
3 अक्टूबर की रात को अजय शर्मा अपने समर्थकों के साथ दशाश्वमेध के भूतेश्वर महादेव और तारकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने वहां से साईं प्रतिमाओं को हटाने का ऐलान किया था। उसी रात उन्हें कार सवार कुछ लोगों ने हिरासत में लिया और बाद में पुलिस ने उन्हें चितईपुर थाने ले जाकर चौक थाने में दर्ज केस में चालान किया था।
