वाराणसी
अर्चक परिधान में काशी विश्वनाथ के दरबार में तैनात हुए पुलिसकर्मी, विपक्ष ने की चुनाव आयोग से शिकायत
वाराणसी। चैत्र नवरात्र में काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं एवं मंदिर परिसर की देख-रेख में वाराणसी के पुलिसकर्मी अर्चक परिधान में ड्यूटी कर रहे हैं। इस दौरान उनके परिधान लोगों के आकर्षण का केंद्र भी रहे। पुलिस के जवान धोती-कुर्ता और महिला पुलिसकर्मी भगवा रंग के सलवार सूट में नजर आ रही हैं।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिसकर्मियों का अर्चक परिधान इसलिए चर्चा में है क्योंकि ऐसा करने के लिए अफसरों को न तो चुनाव आयोग ने कोई निर्देश जारी किया है और न ही शासन से उन्हें कोई आदेश मिला है। पुलिस का ड्रेस कोड बदले जाने को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और चुनाव आयोग के यहां शिकायत दर्ज कराई है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने पुलिस के नए ड्रेस कोड पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि, “पुलिस का ड्रेस कोड बदलने का अधिकार ना तो पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को है और ना ही मंदिर प्रशासन को। चुनाव के समय पुलिस के जवानों को भगवा ड्रेस में उतारना आदर्श चुनाव संहिता का खुला-उल्लंघन है। वैसे भी पुलिस के जवान धोती-कुर्ता और पायजामा पहनने के लिए भर्ती नहीं होते। अर्चक और पुलिस कर्मियों में अंतर तो दिखना ही चाहिए। पुलिस कमिश्नर ने मंदिर की पहरेदारी करने वालों पुलिस कर्मी का व्यवहार बदलने की बजाय उनका ड्रेस ही बदल डाला।”
आपको बता दें कि गत दिनों वाराणसी के कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों को नियंत्रित करने के लिए बैठक आयोजित की थी। जिसमें उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षाकर्मियों को अर्चकों की वेशभूषा में तैनात करने की बात करते हुए कहा था कि, अर्चक परिधान में पुलिस के जवान श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करेंगे। दर्शनार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार उनकी तैनाती की कसौटी होगी। तैनाती के पहले उन्हें धार्मिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस के पुरुष जवान धोती-कुर्ता और अंगवस्त्रम पहनेंगे और महिला पुलिसकर्मी सलवार-कमीज में रहेंगी। इनकी सहायता के लिए गर्भगृह के बाहर दो पुरुष और महिला पुलिसकर्मी सादे वेश में तैनात किए जाएंगे।
