वाराणसी
शास्त्री प्रथम सेमेस्टर, आचार्य द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर सत्र की 25 सितंबर से प्रारम्भ
देश के 283 परीक्षा केंद्रों पर 19145 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे – परीक्षा नियंत्रक प्रो सुधाकर मिश्र.
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के परीक्षा नियंत्रक प्रो सुधाकर मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं संबंद्ध महाविद्यालयों की शास्त्री प्रथम सेमेस्टर, आचार्य द्वितीय सेमेस्टर एवं आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा 25 सितंबर 2023 से प्रारम्भ होकर 07 अक्टूबर 2023 तक मध्यान्ह 12:00 बजे से अपरान्ह 3:00 बजे तक परिसर सहित देश के 283 परीक्षा केंद्रों पर कुल 19145 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे.
नियंत्रण कक्ष की स्थापना–
परीक्षा नियंत्रक प्रो सुधाकर मिश्र ने बताया कि दिनाँक 25 सितंबर से 07 अक्टूबर 2023 तक होने वाली परीक्षाओं में परीक्षा केंद्रों पर किसी भी समस्या के तात्कालिक निराकरण हेतु एक नियंत्रक कक्ष की स्थापना की गई है जिसमें प्रो सुधाकर मिश्र (परीक्षा नियंत्रक)-9935409711,प्रोग्रामर मोहित मिश्र-9450543890, उमेश मणि त्रिपाठी, राकेश उपाध्याय एवं जगदीश प्रसाद नामित किए गए हैं.
सभी केंद्रों के केन्द्राध्यक्षो ने गोपनीय प्रपत्रों को प्राप्त किया.
परीक्षा नियंत्रक प्रो मिश्र ने बताया कि उक्त परीक्षाओं गोपनीय प्रपत्रों का थैला एवं अन्य सामाग्री
को प्राप्त कराने हेतु परीक्षा विस्तार भवन से 23 एवं 24 सितंबर को देश के 283 केन्द्रों ने परीक्षा सामाग्री प्राप्त किया.
परिसर में 1078 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे–
परीक्षा नियंत्रक प्रो मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर के शास्त्री प्रथम सेमेस्टर सत्र 2022-25 तथा आचार्य द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2022-2024 एवं आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2021- 2023 की परीक्षा में 1078 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. इस परीक्षा में प्रो हरिशंकर पाण्डेय जी
केन्द्राध्यक्ष होंगे.
शुचिता एवं पारदर्शिता पूर्ण परीक्षा कराने के निर्देश जारी–
परीक्षा नियंत्रक प्रो सुधाकर मिश्र ने बताया कि उक्त परीक्षा को शुचितापूर्ण एवं पारदर्शिता पूर्ण कराने के लिए सभी केंद्रों के केन्द्राध्यक्षो को उचित दिशा निर्देश जारी किया गया है, इसके साथ ही प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारियों को भी उक्त परीक्षा को शासन के निर्देश के आलोक में नकल मुक्त परीक्षा कराने के लिए सहयोग की अपेक्षा भी की गयी है.
सभी परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण और उड़ाकादल का भी गठन किया जा रहा है.
