वाराणसी
भारत विकास परिषद् “काशी” द्वारा “उत्तरायण काशी” के माध्यम से विविध संस्कृति को सींचने का प्रयास : मनोज गुप्ता
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी: भारत विकास परिषद “काशी” नव वर्ष कार्यक्रम “उत्तरायण काशी” कैंटोंमेंट स्थित होटल सूर्या में रविवार को संपन्न हुआ। जहां भगवान सूर्य के उत्तरायण होने के के अवसर पर विभिन्न प्रदेशों में मनाए जाने वाले पर्व को मनाते हुए भारतीय संस्कृति को सींचने का प्रयास किया गया।
इस मौके पर अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए मनोज गुप्ता ने कहा कि जब भगवान भास्कर उत्तरायण होते हैं तब देश के विभिन्न प्रदेशों महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, पंजाब में वैशाखी, गुजरात में उत्तरायण, आसाम में बिहू, तमिलनाडु में पोंगल एवं उत्तर प्रदेश, बिहार में मकर संक्रांति मनाया जाता है। जो कि सूर्य की उपासना और फसल कटने के बाद भगवान को समर्पित करने का पर्व है। जिसे उत्तरण कार्यक्रम के माध्यम से मनाते हुए सींचने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर शाखा के सदस्यों द्वारा गुड़ी पड़वा, वैशाखी, उत्तरायण, बिहू, पोंगल और मकर संक्रांति के अवसर पर महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, आसाम, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश व बिहार के लोक नृत्य संगीत के माध्यम से “उत्तरायण काशी” कार्यक्रम को मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आर्यमा सान्याल (निदेशक, लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाराणसी), ब्रह्मानंद पेशवानी मुकुल कुमार शाह रवि प्रकाश जायसवाल एवं रंजना केसरी द्वारा मां भारती एवं युवा प्रेरणा स्त्रोत्र स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन के बाद वंदे मातरम से हुआ।
कार्यक्रमों की इसी श्रृंखला में कई नृत्य नाटिका एवं बनारसी अंदाज में हास्य नृत्य का भी मंचन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन मीना सिंह, शशिबाला शाह, प्रगति पाठक, मनीष अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल एवं धन्यवाद ज्ञापन रजत मोहन पाठक द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से शाखा के सचिव राकेश मल्होत्रा, महिला संयोजिका नीरजा अग्रवाल, नीलम गुप्ता, हिमांशु पसरिचा, अभय सिंह, दीपक माहेश्वरी, देव प्रमोद अग्रवाल, राजेंद्र मोहन शाह, संतोष अग्रवाल, डॉ अश्वनी टंडन, विशाल कपूर, हरीश वालिया, राजेंद्र मेहरा, श्रद्धा अग्रवाल, ज्योति माहेश्वरी, नीलू मिश्रा आदि की विशेष उपस्थिति रही।
