वाराणसी
धमकी भरे पत्र से दो संप्रदायों में माहौल तनावपूर्ण
लोहता थाना के कोटवां चौकी क्षेत्र में चौरा माता मंदिर के दीवाल पर चिपकाया धमकी भरा पत्र
मोहर्रम पर निकले ताजिया जुलूस के दौरान हुई थी तीखी झड़प
वाराणसी| लोहता, पुलिस की छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी हो सकती है इसका अंदाजा लगाना कठिन है। पुलिस द्वारा मुहर्रम जुलूस के दौरान हुए दोनों संप्रदायों के बीच झगड़े, गाली-गलौज को ठीक से निपटारा कराया गया होता तो ये धमकी भरा पत्र चट्टी-चौराहों पर न चिपकाया होता। हालांकि पुलिस पूरी तरह अपने को सक्रिय दिखाते हुए दो संप्रदायों के झगड़े को सुलझाने का प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार लोहता थाना अंतर्गत पड़ने वाले कोटवा चौकी स्थित कोटवा बाजार में हिंदू-मुसलमान आमने-सामने हो गए है। बताया गया कि कोटवां ग्राम में स्थित चौरा माता मंदिर की दीवाल पर गांव के तीन लोगों के नाम से मां-बहन की भद्दी-भद्दी गलियां और धमकी भरे पत्र स्वतंत्रता दिवस के दिन यानि बीते सोमवार को चिपकाये जाने से गांव में तनाव है।
पीड़ित अभिलाष कुमार सिंह उर्फ मोनू ने लोहता थानाध्यक्ष को लिखित तहरीर देने लगे तो उन्होने तहरीर लेने से इनकार कर दिया और कोटवां चौकी प्रभारी से बात करने को कह कर इस मामले को टाल दिया। लेकिन पुलिस की खुफिया विभाग ने इस प्रकरण को गम्भीरता से संज्ञान में लेकर अपनी रिपोर्ट पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिये भेज दिया। उधर पीड़ित पक्ष ने यूपी काप एप और शोसल मिडिया के द्वारा समाज के अवांछनीय तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीते नौ अगस्त को ताजिया जुलूस को लेकर हुई थी झड़प
कोरउत गांव की ताजिया जब कोटवां के भगेलू सिंह के दरवाजे के पास पहुंची तो ताजिया जुलूस में शामिल कुछ असामाजिक तत्व हसन हुसेन का नारा लगाते हुये लोग भगेलू सिंह के दरवाजे पर चढ़ गये थे। जब लोगो ने विरोध किया तो दोनो पक्षो में झड़प होने लगी। सूचना पा कर कोटवां चौकी प्रभारी दिनेश कुमार मौर्य पुलिस टीम के साथ पहुचे दोनो पक्षो को समझा बुझा कर मामले को शान्त करा दिया था। लोगों का कहना है कि यदि उस दिन सुरक्षा के लिये पुलिस के जवान पहले से तैनात रहते तो दो समुदाय मे झड़प नहीं हुई होती। गांव के ग्रामीणों का कहना है जुलूस कभी उधर की तरफ नहीं जाती।
पुलिस की लापरवाही उजागर
पीडित अभिलाष कुमार सिंह मोनू का कहना है कि मोहार्रम के दिन हुई झड़प के प्रकरण में स्थानीय पुलिस द्वारा सम्प्रदाय विशेष के लोगों पर कोई कानूनी कार्यवाही न किये जाने के कारण धमकी भरे पत्र गाव के मंदिर और अन्य जगह चिपकाये गये है। जिसमें मा बहन को भद्दी भद्दी गलियों से नवाजा गया है साथ ही जान से मार देने की धमकी लिखी गई है। हम लोग बहुत ही भयभीत है,रातों की नीद गायब है कोटवा चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ गाली गलौज और धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया।
