गाजीपुर
पराली जलाने पर लगेगा 30 हजार रुपये तक जुर्माना, गाजीपुर में आठ प्रचार वाहन रवाना
सीडीओ आलोक प्रसाद ने दिखाई हरी झंडी, गांव-गांव जाकर किसानों को करेंगे जागरूक
गाजीपुर। फसल अवशेष जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए बुधवार को गाजीपुर में जागरूकता अभियान शुरू किया गया। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने आठ प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन जिले की ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करेंगे।
पराली जलाने पर पांच से 30 हजार रुपये तक जुर्माना:
अभियान के दौरान किसानों को पराली जलाने से मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन के अनुसार, दो एकड़ से कम क्षेत्र में पराली जलाने पर पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में 30 हजार रुपये तक पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली का प्रावधान है। पराली जलाने की घटनाएं सामने आने पर संबंधित किसानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन की अपील:
प्रशासन ने किसानों से धान की कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) का उपयोग करने की अपील की है। कटाई के बाद फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों का इस्तेमाल करने अथवा पराली से पशुचारा और कंपोस्ट खाद बनाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुसार फसल अवशेष जलाना दंडनीय है।
