गाजीपुर
शीतला माई मंदिर जाने वाला लिंक मार्ग नहीं बनने से ग्रामीणों में रोष
बहरियाबाद, गाजीपुर। आराजी कस्बा स्वाद, बहरियाबाद में मातृ-शिशु कल्याण केंद्र के पीछे से शीतला माई मंदिर की ओर जाने वाला लिंक मार्ग बदहाल होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 60 मीटर लंबे इस मार्ग पर अब तक मिट्टी का कार्य और खड़ंजा नहीं लगाए जाने से लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बारिश के कारण मार्ग की मिट्टी बह गई है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है।
कई महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचने का है रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, यह लिंक मार्ग दक्षिण से उत्तर की ओर खुल्फ-ए-राशदीन मस्जिद तक जाता है। इसी क्षेत्र में मातृ-शिशु कल्याण केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, शीतला माई मंदिर, राजकीय पशु चिकित्सालय, ग्राम सचिवालय, पावर हाउस और इंटर कॉलेज स्थित हैं। ऐसे में इस मार्ग से प्रतिदिन छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों और विभिन्न संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों का आवागमन होता है।
बारिश में बढ़ जाती है लोगों की परेशानी
बारिश के दौरान मार्ग की मिट्टी बह जाने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। खासकर शीतला माई मंदिर में पूजा-पाठ करने जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की बदहाली के कारण मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों को भी मातृ-शिशु कल्याण केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
ग्राम प्रधान को कई बार दी गई जानकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि लिंक मार्ग का निर्माण कराने के लिए वर्तमान ग्राम प्रधान को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, आराजी कस्बा स्वाद के अधिकांश अन्य लिंक मार्गों पर खड़ंजा और इंटरलॉकिंग का काम कराया जा चुका है, जबकि यह मार्ग लंबे समय से उपेक्षित है।
जनप्रतिनिधियों से भी लगाई गुहार
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन होता है। इसके बावजूद मार्ग निर्माण की मांग पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जल्द मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दिनों में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
मार्ग निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर मिट्टी भराई और खड़ंजा या इंटरलॉकिंग का कार्य हो जाने से आवागमन सुगम हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुविधा और धार्मिक आस्था से जुड़े इस मार्ग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
