वाराणसी
विद्युत उपकेंद्र पर बिस्तर लेकर पहुंचा युवक, कटौती से नाराजगी
बिजली कटौती पर मंडलायुक्त सख्त, अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश
वाराणसी। जिले में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने से नाराज उपभोक्ता रघुकुल यथार्थ अपना बिस्तर लेकर करौंदी विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और वहीं सोने की जिद पर अड़ गए। काफी देर तक बिजली कर्मी उन्हें समझाने में लगे रहे।
रघुकुल यथार्थ ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
1200 मेगावाट तक पहुंच सकती है बिजली की मांग
जिले में प्रचंड गर्मी के कारण बिजली की मांग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ बिजली की मांग बढ़कर 915 मेगावाट तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष पीक समय में यह मांग 810 मेगावाट थी। इस बार करीब 120 मेगावाट यानी लगभग 15 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत दर्ज की गई है।
ट्रांसमिशन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि गर्मी का यही हाल बना रहा तो अगले कुछ दिनों में जिले की बिजली मांग 1000 से 1200 मेगावाट तक पहुंच सकती है। विभाग का दावा है कि वर्तमान में ट्रांसमिशन व्यवस्था 1712 मेगावाट तक बिजली सप्लाई करने में सक्षम है और ट्रांसमिशन स्तर से किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है।
ट्रांसमिशन विभाग अलर्ट मोड पर, बढ़ी डिमांड
बिजली की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन विभाग अलर्ट मोड पर है। पारेषण लाइनों की लगातार निगरानी की जा रही है और कंट्रोल रूम के उपकरणों के तापमान पर विशेष नजर रखी जा रही है। सभी ट्रांसमिशन उपकेंद्रों के अधिशासी अभियंताओं से प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट भी ली जा रही है।
अधीक्षण अभियंता (ट्रांसमिशन) डीसी दीक्षित ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिजली की खपत काफी बढ़ी है। विभाग निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पहले से तैयारियों में जुटा था और वर्तमान में ट्रांसमिशन स्तर से कोई कटौती नहीं की जा रही है।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने विद्युत अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश भी जारी किए। जिनमें सभी बिजलीघरों पर तैनात कर्मी, जेई और एसडीओ संबंधित पार्षद के फोन नंबर अपने मोबाइल में सेव रखें तथा उनके फोन अवश्य उठाएं, ताकि समस्या की जानकारी समय पर मिल सके और समाधान में लगने वाले संभावित समय की सूचना भी उपभोक्ताओं को दी जा सके। साथ ही बिजलीघरों के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाए।
सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करें तथा फील्ड की वास्तविक स्थिति से अवगत होकर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। सप्लाई का आउटेज कम से कम समय के लिए रखा जाए।
