Connect with us

गोरखपुर

भक्ति रस में डूबा खुटहना, श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा आस्था का सागर

Published

on

Loading...
Loading...

गोरखपुर। जनपद के दक्षिणांचल क्षेत्र अंतर्गत खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम खुटहना में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बनी हुई है। कथा पंडाल में पहुंचते ही ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वयं वृंदावन की पावन छटा धरती पर उतर आई हो। चारों ओर गूंजते हरिनाम, मधुर भजनों की स्वर लहरियां और भक्तों की उमड़ी आस्था ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया है।

इस भव्य एवं दिव्य आयोजन के मुख्य यजमान बाबू संकटहरण सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी मुन्नी देवी हैं, जिनकी श्रद्धा, समर्पण और धार्मिक भावना ने पूरे आयोजन को अलौकिक गरिमा प्रदान की है। दोनों यजमानों द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत एवं सेवा भाव ने लोगों के हृदय को छू लिया। ग्रामीणों में कथा को लेकर अपार उत्साह देखने को मिल रहा है।

कथा व्यास आचार्य पंडित अरविंद प्रताप मिश्र ने अपने ओजस्वी एवं मधुर श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा तथा कालिया मर्दन प्रसंग का ऐसा सजीव वर्णन किया कि श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में डूब गए। कथा के दौरान जब भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने और कालिया नाग के मर्दन की लीला का वर्णन हुआ, तब पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखें नम हो उठीं और मन भक्तिभाव से सराबोर हो गया।

कथा मंच पर संगीत की मधुर संगत ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। आर्गन पर सचिदानंद सरस की भावपूर्ण संगत ने कथा के प्रत्येक प्रसंग में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी, वहीं तबले पर दीपक कुमार की लयबद्ध थाप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पैड पर मंजेश पटेल की शानदार प्रस्तुति ने संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायिका एवं आकाशवाणी सिंगर कुमारी सुप्रिया रावत ने अपने मधुर और भावपूर्ण भजनों से ऐसा समां बांधा कि पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। उनके स्वर जैसे ही मंच से गूंजे, श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल तालियों व हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान हो गया। उनके भजनों ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में भक्ति की अमिट छाप छोड़ दी।

Advertisement

ग्रामीण अंचल में आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति की जीवंत अनुभूति बन गई है। कथा स्थल पर प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। खुटहना की पावन धरती इन दिनों भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक आनंद की दिव्य ज्योति से आलोकित हो उठी है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page