वाराणसी
काशी में बनेगा स्वामी विवेकानंद स्मृति भवन, तैयारियां तेज
विवेकानंद के काशी प्रवास को संजोने की योजना, तस्वीरें होंगी प्रदर्शित
वाराणसी। काशी में स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। योगी सरकार ने यहां ‘स्वामी विवेकानंद स्मृति भवन’ के निर्माण की तैयारी तेज कर दी है। इस संबंध में वाराणसी के जिलाधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भूमि से जुड़ा विस्तृत प्रस्ताव मांगा गया है। लंबे समय से इस मांग को लेकर प्रयास किए जा रहे थे।
स्वामी विवेकानंद का काशी से विशेष लगाव रहा है और वे पांच बार यहां आए थे। अपने जीवन के अंतिम चरण में वे अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर में मौजूद गोपाल दास विला में लगभग दो महीने तक ठहरे थे। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस स्थान को स्मृति भवन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित भवन में उनके काशी प्रवास से संबंधित तस्वीरों को भी प्रदर्शित किया जाएगा और इसे पूर्ण रूप से उनके नाम समर्पित किया जाएगा।
अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर, जहां कभी गोपाल दास विला मौजूद था, वर्तमान में विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक संस्थानों का केंद्र है। यहां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय और राजकीय पुस्तकालय संचालित हो रहे हैं, जबकि परिसर के पिछले हिस्से में ‘अक्षय पात्र’ रसोई से परिषदीय विद्यालयों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार कर भेजा जाता है।
करीब 25 हजार वर्गफीट क्षेत्र में फैला गोपाल दास विला अपने समय में 35 कमरों और हॉल के साथ भव्य संरचना था। 23.66 एकड़ में विस्तृत इस परिसर में सैकड़ों प्रकार के फलदार, लकड़ी और बांस के पौधे भी लगे थे। वर्तमान में यह इमारत पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुकी है, जहां अब स्मृति भवन निर्माण की योजना बनाई जा रही है।
इस संबंध में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डा. महेंद्र देव ने वाराणसी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप सिंह से विस्तृत जानकारी मांगी है। उनसे यह पूछा गया है कि एलटी कॉलेज परिसर में कुल कितनी भूमि उपलब्ध है और क्या वहां ऐसी कोई खाली या अनुपयोगी जमीन है जहां शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित किए बिना स्मृति भवन का निर्माण कराया जा सके। संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह के अनुसार, इस संबंध में सभी आवश्यक सूचनाएं उच्चाधिकारियों को भेज दी गई हैं।
