गोरखपुर
राम जानकी सड़क मार्ग पर देवकली के पास खुलेआम बिक रहा मांस-मछली
भीड़ और कुत्तों के जमावड़े से मंडरा रहा हादसे का खतरा
खतरे में पड़ा राजकीय यूनानी चिकित्सालय का अस्तित्व
आईजीआरएस शिकायत पर गोला पुलिस की रिपोर्ट पर उठे सवाल, कार्रवाई के दावे हवा-हवाई
गोलाबाजार (गोरखपुर)। गोला उपनगर के वार्ड संख्या 16 देवकली में राम जानकी सड़क मार्ग के किनारे खुलेआम मांस और मछली की बिक्री से गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। यूनानी चिकित्सालय के सामने हाईवे से सटे हिस्से पर मुर्गा-बकरा काटकर मांस और मछली बेची जा रही है। एक तरफ तो लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने वाले अस्पताल का अस्तित्व खतरे में पड़ा है, दूसरी तरफ मांस के टुकड़ों के कारण बड़ी संख्या में कुत्ते भी इकट्ठा रहते हैं, जिससे सड़क मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्राप्त विवरण के अनुसार सड़क के किनारे खून और मांस के अवशेष फैले रहते हैं, जिससे दुर्गंध उठती है और आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि यह सब राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खुलेआम हो रहा है, जबकि नियमानुसार हाईवे के पास इस तरह की बिक्री प्रतिबंधित है। मामले में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
आरोप है कि शिकायत के निस्तारण में गोला पुलिस की ओर से रिपोर्ट लगाते हुए दर्शाया गया कि अतिक्रमण हटवा दिया गया है और बिक्री बंद करा दी गई है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर आज भी धड़ल्ले से मांस और मछली की बिक्री जारी है। अपलोड की गई फोटो को भी ग्रामीणों ने वास्तविक स्थान से अलग बताया है, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे हो रही इस बिक्री को तत्काल बंद कराया जाए और दुकानों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि न तो स्वच्छता के मानकों का पालन हो रहा है और न ही वैध कागजात दिखाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत के मिलीभगत का आरोप लगाया है।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी गोला वैभव चौधरी ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर होली के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
