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गोरखपुर

रसड़ा रामलीला में तीसरे दिन कोल-भील मिलन का सजीव मंचन

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रसड़ा (बलिया)। छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध रसड़ा की रामलीला में तीसरे दिन काली जी मंदिर परिसर में कोल-भील मिलन प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। कथा के अनुसार, प्रभु श्रीराम माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ गंगा पार कर वन की ओर बढ़ रहे थे।

मार्ग में उनका सामना कोल-भील समाज (मुसहर जाति) के लोगों से हुआ। प्रभु श्रीराम की अद्भुत सुंदरता देखकर कोल-भील लोग मोहित हो उठे और उन्हें अपने कुटिया में आमंत्रित करने का आग्रह करने लगे। हालांकि, श्रीराम ने चौदह वर्ष के वनवास का हवाला देते हुए उनका यह निवेदन अस्वीकार कर दिया। इसके बजाय उन्होंने मार्गदर्शन का अनुरोध किया।

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कोल-भीलों ने श्रद्धा भाव से मार्ग दिखाया और मार्गदर्शन देने के बाद श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट की ओर बढ़ गए। इस सजीव मंचन को दर्शकों ने बड़े उत्साह और भावविभोर होकर देखा।

रामलीला के आयोजकों ने बताया कि कोल-भील मिलन का यह दृश्य प्राचीन कथाओं का अनुपम चित्रण है, जो दर्शकों को रामायण की गहरी समझ और भक्ति का अनुभव कराता है।

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