वाराणसी
शिक्षक हत्याकांड : आदर्श ने दोस्तों संग रची साजिश, हत्या के बाद घाट पर सिगरेट पीते रहे आरोपी
CCTV फुटेज, गवाहों और फॉरेंसिक रिपोर्ट से पुलिस ने जुटाए पुख्ता सबूत
वाराणसी में सनबीम स्कूल के शिक्षक प्रवीण झा की हत्या की पटकथा 24 घंटे पहले ही लिखी जा चुकी थी। दरअसल, मातृछाया अपार्टमेंट की पार्किंग में कार खड़ी करने को लेकर शिक्षक प्रवीण झा और आदर्श झा के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान कॉलोनी के सामने खरी-खोटी सुनाए जाने से आदर्श खुद को अपमानित महसूस कर रहा था। उसे लगने लगा था कि सोसाइटी में उसका वर्चस्व कम हो रहा है। इसी वजह से उसने हत्या की योजना बना डाली।
पुलिस पूछताछ में आदर्श ने कहा कि हत्या की दो वजह थीं—पहली, कॉलोनी में दबदबा बनाए रखना और दूसरी, झगड़े में हुई बेइज्जती का बदला लेना। आदर्श के पिता डॉ. दुनिया राम सिंह कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रहे हैं।
प्रवीण झा सनबीम स्कूल में शिक्षक थे और इलाके में दोनों परिवारों की पहचान थी। इसी कारण आदर्श ने 40 किलोमीटर दूर चंदौसी से अपने दो दोस्तों करन गौड़ और सतीश पटेल को बुलाया। उन्होंने ऐसा स्थान भी चुना जहां CCTV कैमरे न हों।

21 अगस्त की रात तीनों ने शराब पी और अपार्टमेंट में प्रवीण झा के आने का इंतजार करने लगे। योजना थी कि उनके आते ही झगड़ा कर हमला किया जाए। रात करीब 10:30 बजे प्रवीण अपार्टमेंट पहुंचे और गाड़ी पार्क कर फ्लैट में चले गए। कुछ देर बाद आदर्श अपनी कार लेकर पार्किंग में आया और तेज हॉर्न बजाने लगा। शराब के नशे में वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था और गुस्से में प्रवीण की कार को हल्की टक्कर भी मार दी।
आवाज़ सुनकर प्रवीण नीचे आए और आदर्श को समझाने लगे। तभी आदर्श ने अपने दोनों दोस्तों को बुला लिया। तीनों मिलकर प्रवीण पर हावी हो गए और अपशब्द कहते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान रॉड और ईंट से प्रवीण पर हमला कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों आरोपी शराब में धुत थे और लड़खड़ा रहे थे। सिर पर ईंट लगने से प्रवीण जमीन पर गिर पड़े।
हत्या के बाद अस्सी घाट पर पहुंचे आरोपी
लहूलुहान प्रवीण को छोड़कर तीनों आरोपी वहां से निकल गए। पुलिस को दिए बयान में आदर्श ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि प्रवीण की मौत हो गई है। इसलिए वे शहर से बाहर भागे नहीं। वे लंका होते हुए अस्सी घाट पहुंचे और वहां सिगरेट पी। बाद में फोन आने पर कॉलोनी की ओर लौटे। इसी दौरान बजरडीहा से पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। डॉक्टरों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रवीण की मौत सिर पर लगी गहरी चोट से हुई। आदर्श ने ईंट का नुकीला हिस्सा सिर पर मारा था, जो अंदर तक धंस गया। इसके अलावा शरीर पर 6-7 और चोटें भी पाई गईं।
अपार्टमेंट निवासियों के मुताबिक, आदर्श वाराणसी से बाहर एक निजी कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन 6 महीने पहले लौट आया था। यहां उसका संगत नशेड़ी दोस्तों से हो गया। वह अक्सर शराब पीकर विवाद करता था। पहले भी उसने अपार्टमेंट के गार्ड से मारपीट की थी और शिक्षक प्रवीण झा से विवाद हो चुका था।
शुक्रवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद प्रवीण की बॉडी परिजनों को सौंपी गई। रात में मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार हुआ, जहां परिजनों के साथ पुलिस भी मौजूद रही।
