वाराणसी
यूपी कॉलेज हत्याकांड से हिला कैंपस, सन्नाटे के बीच छात्रों का उबाल चरम पर
कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, सुरक्षा को लेकर छात्रों में बढ़ी चिंता
वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज (UP College) में छात्र की गोली मारकर हत्या के बाद परिसर में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के अगले दिन शनिवार को भी छात्र धरने पर डटे रहे और रात से लगातार उनका प्रदर्शन जारी है। कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है, इसके बावजूद सन्नाटा पसरा हुआ है और छात्र न्याय की मांग पर अडिग हैं।
धरनास्थल पर पहुंचे एसीपी विदुष सक्सेना ने छात्रों के बीच बैठकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनका आक्रोश कम नहीं हुआ। इससे पहले, मृत छात्र सूर्य प्रताप सिंह का शव बीएचयू से हरहुआ के कोईराजपुर ले जाते समय उदय प्रताप कॉलेज के आक्रोशित छात्रों ने गिलट बाजार तिराहे पर शव रखकर चक्का जाम करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग कर छात्रों को वहां से हटाया और शव को आगे के लिए रवाना कराया।
हालांकि, आरोपित की गिरफ्तारी के बावजूद छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी को कड़ी सजा नहीं मिलती, आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, जिससे यह घटना हुई।
धरने में शामिल छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल कॉलेज के माहौल को प्रभावित करती हैं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने साथी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और अन्य कॉलेजों के छात्रों से भी समर्थन की अपील करेंगे।
पुलिस प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपित को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। इसके बावजूद छात्रों ने पुलिस की बातों पर भरोसा नहीं जताया और धरना जारी रखा।
इस घटना के बाद वाराणसी के शैक्षणिक वातावरण पर असर पड़ा है। विभिन्न छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है और प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं ने छात्रों के बीच असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है।
