Connect with us

वाराणसी

बेड से गिरकर जूनियर डॉक्टर घायल

Published

on

Loading...
Loading...

जूनियर डॉक्टरों के तनाव पर उठे सवाल

वाराणसी। आईएमएस बीएचयू (IMS BHU) के सर्जरी विभाग में एक बार फिर जूनियर डॉक्टर से जुड़ी घटना सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में चर्चा और चिंता का माहौल है। बृहस्पतिवार रात फीमेल सर्जरी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद एक जूनियर डॉक्टर सोते समय बेड से नीचे गिर गया, जिससे उसके चेहरे, आंख और होंठ के पास गंभीर चोटें आ गईं। घटना के बाद साथी डॉक्टरों ने उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद उसे प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय जूनियर डॉक्टर मूल रूप से बिहार का निवासी है और सर्जरी विभाग में तैनात है। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे वह वार्ड में ड्यूटी के दौरान बेड पर आराम कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर पड़ा। गिरने से उसके चेहरे पर दो जगह चोट लगी और आंख तथा होंठ कट गए। घटना के समय वह बेहोश हो गया था, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य जूनियर डॉक्टर और स्टाफ उसे आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक घटना की सूचना एहतियातन चीफ प्रॉक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को भी दे दी गई है। इमरजेंसी में पूछताछ के दौरान कुछ लोगों ने दबी जुबान में बताया कि संबंधित जूनियर डॉक्टर नींद की गोली का सेवन करता था। हालांकि, उसने इस संबंध में कभी अपने साथियों से खुलकर कोई चर्चा नहीं की थी। यह भी बताया जा रहा है कि वह पहले भी तीन बार बेड से गिर चुका है, जिससे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

उधर, आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग में बीते दो महीनों के भीतर यह दूसरी गंभीर घटना मानी जा रही है। इससे पहले 13 मार्च 2026 को विभाग में तैनात 25 वर्षीय महिला जूनियर डॉक्टर सत्या ने इंसुलिन की ओवरडोज ले ली थी। वह भी मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। घटना के बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जूनियर डॉक्टरों के मानसिक दबाव, कार्यभार और स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Advertisement

अस्पताल परिसर में इस बात को लेकर चर्चा है कि जूनियर डॉक्टर लंबे समय तक ड्यूटी, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजर रहे हैं। कई डॉक्टरों का मानना है कि मेडिकल संस्थानों में जूनियर डॉक्टरों के लिए काउंसिलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

इस संबंध में प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर के बेड से गिरने और चोट लगने की सूचना मिली है। घटना की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के चेहरे और होंठ के पास चोट लगी है तथा ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है। विभाग के चिकित्सकों से लगातार बातचीत की जा रही है और जूनियर डॉक्टरों के साथ संवाद बनाए रखने के निर्देश पहले से ही दिए गए हैं।

फिलहाल अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी कर रहा है। वहीं लगातार सामने आ रही घटनाओं ने मेडिकल संस्थान में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page