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वाराणसी

पूर्वांचल में बारिश का इंतजार, सोनभद्र बनेगा मानसून का गेटवे

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बीच अब मौसम ने करवट लेने के संकेत दे दिए हैं। बीते बुधवार को हुई बारिश से लोगों में मानसून (Monsoon) को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

पूर्वांचल में मानसून के आगमन में अब करीब 50 दिन शेष हैं। सामान्यत: देश में मानसून एक जून तक केरल और तमिलनाडु में पहुंच जाता है, जबकि पूर्वांचल में इसकी एंट्री सोनभद्र जिले के रास्ते होती है, जो बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से जुड़ा है। मानसून के आने से पहले खोड़वा पहाड़ पर बादलों का जमाव दिखाई देने लगता है।

इसके साथ ही मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है। आम तौर पर 18 से 20 जून के बीच सोनभद्र के रास्ते मानसून पूर्वांचल में पहुंचता है। इसके बाद यह लखनऊ और कानपुर होते हुए आगे दिल्ली की ओर बढ़ता है। मौसम के रुख के अनुसार, मई के अंत तक प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो जाएंगी।

वहीं 25 मई से 2 जून के बीच पड़ने वाला नौतपा गर्मी और लू को और तेज करेगा। इस दौरान तापमान में वृद्धि से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि माना जाता है कि जितना अधिक नौतपा तपेगा, मानसून उतनी ही राहत लेकर आएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून से पहले तापमान का बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यह स्थिति किसानों के लिए चिंता बढ़ा सकती है।

मानसून में देरी होने पर फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है, जिससे कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस वर्ष मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे पूर्वांचल में अच्छी वर्षा की उम्मीद जताई जा रही है।

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हालांकि मौसम में अचानक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूर्वांचल में मानसून की प्रतीक्षा जारी है और किसान भी इसकी तैयारियों में जुटे हैं।

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