गोरखपुर
गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल पर सख्ती, कमी होने पर कार्रवाई का निर्देश
गोरखपुर। जनपद में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही मिलने पर सीधे कार्रवाई तय मानी जाएगी।डीएसओ ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ अहम बैठक कर व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिले में फिलहाल पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, ऐसे में कहीं भी कमी की शिकायत सामने आना सीधे तौर पर लापरवाही मानी जाएगी।
बैठक में सबसे ज्यादा जोर सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने पर दिया गया। डीएसओ ने सभी पंप संचालकों को निर्देशित किया कि वे स्टॉक खत्म होने का इंतजार न करें, बल्कि समय रहते ऑर्डर बुक कर लें। जैसे ही ईंधन का स्तर कम होने लगे, तुरंत नई खेप के लिए ऑर्डर डालना अनिवार्य होगा।
इससे न सिर्फ आपूर्ति सुचारु रहेगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।प्रशासन ने साफ किया कि अब पेट्रोल पंपों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निरीक्षण कर पंपों की स्थिति पर नजर रखें और कहीं भी कमी या गड़बड़ी मिलने पर तत्काल रिपोर्ट करें।डीएसओ ने ऑयल कंपनियों को भी स्पष्ट संदेश दिया कि वे स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखें और आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल ही इस व्यवस्था को सुचारु बनाए रख सकता है।इस सख्ती के पीछे प्रशासन का मकसद साफ है—आम जनता को पेट्रोल-डीजल के लिए भटकना न पड़े और बाजार में किसी तरह की अफवाह या कृत्रिम कमी की स्थिति न बने।
गौरतलब है कि कई बार देखने में आता है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद समय पर आपूर्ति न होने से पंपों पर कमी की स्थिति बन जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले ही सख्ती बरतते हुए सभी पक्षों को अलर्ट कर दिया है।
प्रशासन का दावा है कि इस नई सख्ती के बाद जिले में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध बनी रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और व्यवस्था पर भरोसा भी कायम रहेगा।
