वाराणसी
Sarnath : बुद्ध के अस्थि अवशेष के दर्शन को देश-विदेश से पहुंचे अनुयायी
वाराणसी। बैशाख बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायियों ने भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन कर श्रद्धा व्यक्त की। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति से पूरा सारनाथ क्षेत्र श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा।
मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा-मोती से जड़ित फ्लास्क में सुरक्षित रखे गए भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष को मंदिर के हाल में दर्शनार्थ रखा गया, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ ही महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया तथा उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली समेत विभिन्न जिलों से आए अनुयायियों ने दर्शन किया।
स्थानीय बौद्ध मठों के भिक्षुओं की भी बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम में भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर सहित थाई, तिब्बती, जापानी, वियतनामी और कम्बोडियाई बौद्ध मंदिरों के भिक्षु उपस्थित रहे।इससे पूर्व प्रातः 6 बजे मंदिर में विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई।
श्रद्धालुओं ने सारनाथ स्थित कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती और जापानी बौद्ध मंदिरों में भी जाकर दर्शन-पूजन किया। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम द्वारा ग्रहण कर भगवान बुद्ध को अर्पित किया गया।
धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था संचालित की गई।
