वाराणसी
MGKVP : सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज पाएंगे शिक्षक
वाराणसी। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले हजारों शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। शासन के निर्देश पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के नियमित व स्ववित्तपोषित शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुपालन में अब शिक्षक और उनके आश्रित सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी नि:शुल्क इलाज करा सकेंगे।
योजना के दायरे में कई श्रेणियां शामिल हैं। इसमें अशासकीय सहायता प्राप्त (अनुदानित) महाविद्यालयों के नियमित शिक्षक, अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, पूर्णतः स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक तथा राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक शामिल हैं। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से किया जाएगा। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के समान होंगी। जो शिक्षक पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना, जैसे आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान, का लाभ ले रहे हैं, उन्हें इस नई योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
शिक्षकों का डेटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड कराएं
काशी विद्यापीठ के कुलसचिव ने प्राचार्यों और प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे महाविद्यालयों के अनुमोदित शिक्षकों का डेटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड कराएं। शिक्षकों को निर्धारित लिंक के माध्यम से आवेदन करना होगा। महाविद्यालयों को अपने शिक्षकों का विवरण, जिसमें नाम, विषय और पाठ्यक्रम शामिल हैं, निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री ने पांच सितंबर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को यह सुविधा देने की घोषणा की थी। विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी द्वारा जारी आदेश के बाद अब इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। इससे उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा न होने के कारण बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते थे।
