शिक्षा
BHU : पीपल-बरगद पूजा पर रोक की मांग, कर्मचारी के पत्र से छात्रों में नाराजगी
वाराणसी। बीएचयू के एक कर्मचारी ने कुलपति को पत्र लिखकर पेड़ों पर धागा बांधने और दीया जलाने पर रोक लगाने की मांग की है। इस पत्र के सामने आने के बाद छात्रों के एक वर्ग में नाराजगी देखी जा रही है।
विशेष निधि अनुभाग के कर्मचारी आशीष कुमार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पीपल और बरगद के पेड़ पर्यावरण संरक्षण और ऑक्सीजन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन धार्मिक आस्था के तहत इन पेड़ों पर कलावा या मौली धागा बांधने तथा दीया जलाने से पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि धागा पेड़ों की छाल में धंसकर उनकी वृद्धि को प्रभावित करता है और संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ा देता है। वहीं, दीया जलाने से पेड़ों की छाल जलती है तथा तेल और घी से जुड़ी जड़ों के आसपास की मिट्टी प्रदूषित होती है। इसे वैज्ञानिक दृष्टि से पेड़ों के स्वास्थ्य और आयु के लिए हानिकारक बताया गया है।
पत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की गई है कि कैंपस में पेड़ काटना पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही सूचना पट्ट लगाकर छात्रों और शिक्षकों को पर्यावरण अनुकूल आचरण अपनाने के लिए जागरूक करने का सुझाव भी दिया गया है। मामला सामने आने के बाद छात्रों के बीच बहस शुरू हो गई है।
कई छात्रों का कहना है कि पीपल और बरगद की पूजा भारतीय परंपरा और धार्मिक आस्था का हिस्सा है, इसलिए सीधे प्रतिबंध लगाने के बजाय प्रशासन को संतुलित समाधान निकालना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण आवश्यक है, लेकिन धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान होना चाहिए।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह मुद्दा कैंपस में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
