Connect with us

वाराणसी

ठगी की रकम वापस मिलने से युवक ने जताया वाराणसी साइबर सेल का आभार

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी के एक युवक को ऑनलाइन शॉपिंग के बाद गलत प्रोडक्ट मिलने पर शिकायत दर्ज कराना भारी पड़ गया। गूगल से सर्च किया गया कस्टमर केयर नंबर साइबर अपराधियों का निकला। शिकायत दर्ज कराने के बहाने ठगों ने एक लिंक भेजकर ओटीपी जेनरेट किया और खाते से 55,998 रुपये उड़ा लिए।

जब खाते से ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे, तब युवक को ठगी का अहसास हुआ। तुरंत उसने वाराणसी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि साइबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए बैंक और मर्चेंट से संपर्क किया और धनराशि होल्ड कर दी। जांच के बाद पूरी राशि पीड़ित के खाते में वापस कर दी गई।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अमेज़न से खरीदे गए प्रोडक्ट की शिकायत करने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। जिस नंबर पर उसने कॉल की, वह साइबर अपराधियों का था। कॉल के दौरान ठगों ने लिंक भेजा और शिकायत के नाम पर ओटीपी मांगा। जैसे ही ओटीपी साझा किया गया, खाते से पैसे निकल गए।

7 जनवरी 2025 को पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। प्रभारी मनोज कुमार तिवारी और उनकी टीम ने मामले की जांच शुरू की। बैंक और मर्चेंट के साथ प्रभावी पत्राचार कर 56 हजार रुपये होल्ड कराए गए। कुछ ही घंटों में धनराशि पीड़ित के खाते में लौटा दी गई।

पूरी धनराशि मिलने के बाद पीड़ित ने वाराणसी पुलिस और डीसीपी क्राइम प्रमोद कुमार का आभार जताया। डीसीपी ने   लोगों को साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि, किसी भी कस्टमर केयर नंबर को गूगल पर सर्च करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी को भी ओटीपी साझा न करें।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page