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मणिपुर में उग्रवादी हमला: 11 मारे गए, 6 लोग लापता, तनाव जारी
मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। संदिग्ध उग्रवादियों ने जिरीबाम जिले के बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन पर हमला किया, जिसमें 11 उग्रवादी मारे गए हैं।
इस घटना के बाद तनाव का माहौल बन गया है। हमले के अगले दिन दो मैतेई पुरुषों के शव मिले हैं जबकि तीन महिलाएं और तीन बच्चों सहित छह लोग लापता हैं। पुलिस के अनुसार लापता लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर दिख रही हैं, लेकिन उनकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। लापता लोगों की पहचान युमरेम्बम रानी देवी (60), तेलेम थोइबी देवी (31) और उनकी बेटी तेलेम थजमनबी देवी (8), लैशराम हेथोइबी देवी (25) और उनके दो बच्चों लैशराम चिंगखेनगांबा सिंह (ढाई साल) और लैशराम लमंगनबा सिंह (10 महीने) के रूप में हुई है।
पुलिस का बचाव अभियान जारी है और सभी लापता व्यक्तियों के मिल जाने तक इसे जारी रखा जाएगा।हमले में उग्रवादियों ने आरपीजी, एके-47, इंसास राइफल और एसएलआर जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। इस मुठभेड़ में 11 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए, जो फौजी वर्दी में थे। इस हमले में एक सीआरपीएफ जवान घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए असम भेजा गया। दो बुजुर्ग नागरिक भी मृत पाए गए। मुठभेड़ के बाद करीब 100 विस्थापित लोगों को पुलिस स्टेशन के राहत शिविर में शरण दी गई।
अधिकारियों के अनुसार हमले के बाद से जिरीबाम जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और तलाशी अभियान चल रहा है।मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा पिछले साल से जारी है जिसमें अब तक 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
इस साल जून में एक किसान का शव मिलने के बाद जिरीबाम में भी हिंसा फैल गई थी। घटना के बाद इंफाल घाटी में ताजा हिंसा की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे और सड़कों से वाहनों की आवाजाही कम हो गई है।
