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अपराध

बाप का हत्यारा निकला बेटा,गंडासे से किया था कत्ल,घटना के एक महीने बाद गिरफ्तार,घर से निकालने और हक नहीं मिलने पर किया ये पाप !

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खबर सुल्तानपुर से हैं जहां कूरेभार पुलिस ने पूरे एक एक महीने बाद रमेश हत्याकांड का खुलासा किया है। सगे बेटे ने ही गंडासे से काटकर पिता को मौत के घाट उतारा था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मेरे पिता ने मेरी मां और हम दो भाइयों को घर से निकाल दिया था। सभी ननिहाल में रहते थे। मां की मौत हो गई और पिता अब दूसरी शादी करना चाहते थे। जिससे हम लोगों को हक नहीं मिलता इसलिए मैने उन्हें कत्ल कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेजा गया है।

बताते चलें कि कूरेभार थानाक्षेत्र के फूलपुर गाँव के रहने वाले रमेश कुमार पुत्र सुखलाल की बीते 9 नवंबर को धारदार हथियार से हत्या गला काटकर हत्या की गई थी। पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी सोमेन बर्मा ने खुलासे के लिए स्वॉट टीम समेत कई टीमें लगाई थी।

तो वहीं इस संदर्भ में स्वॉट टीम प्रभारी उपेन्द्र प्रताप सिंह कूरेभार प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मिश्र के साथ मिलकर विवेचना कर रहे थे। विवेचना के दौरान घटना में मृतक के पुत्र प्रभात कुमार उम्र करीब 19 वर्ष की संलिप्ता प्रकाश में आई। जिसे आज पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के पास मुजेश टोल प्लाजा से पहले सड़क के किनारे से गिरफ्तार किया गया। घटनास्थल के पास तालाब से एक गड़ासा (आलाकत्ल) जिससे आरोपी द्वारा हत्या की गयी थी उसको बरामद किया गया।

साथ ही साथ अवगत कराते चले कि प्रभात ने पुलिसिया पूछताछ में बताया कि बचपन मे मेरे पिता रमेश कुमार उर्फ राजे मेरी मां फूलकुमारी और हम लोगो से नफरत करता था। मां और हम दोनो भाईयो को ग्राम फूलपुर से भगा दिया। मेरी मां हम लोगो को लेकर नाना-नानी के यहां शरण ली। घर पर हम लोगो को रहने नहीं दे रहा था। घर में जाने पर प्रताड़ित करता था। बीमारी के कारण मेरी माता के देहांत के बाद मेरे पिता दूसरी शादी करने का प्लान बना रहे थे। हम दोनो भाई को हमारा हक नहीं मिल रहा था। दूसरी शादी होने के बाद हक मिलना असम्भव हो जाता। इन्ही सारी बातों को सोच-सोच कर मैने यह निर्णय कर लिया कि पिता की हत्या करना है। इसे अपने मन मे ठान कर मैं मौके की तलाश में था।

तो वहीं 8-9 नवंबर की रात्रि में मैं चुपचाप उठा और किसी को जानकारी नहीं हो पाई। गहरी नींद में सो रहे अपने पिता रमेश उर्फ राजे की गर्दन पर गड़ासे से कई वार किया। गर्दन कट गई। उसके बाद मैने गड़ासे को तालाब में फेंक दिया। मैं वापस आकर सो गया। पुलिस ने मुझसे भी कई बार घटना के बारे मे पूछताछ की लेकिन मैं पुलिस को गुमराह करता रहा।

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